पं श्याम त्रिपाठी
गोण्डा। स्वामी नारायण छपिया धाम के धर्मदासपुर में शनिवार को नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ इंश्योरेंस पेंशनर्स (एनओआईपी), भारतीय मजदूर संघ की लखनऊ एवं अयोध्या इकाइयों की संयुक्त बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता लखनऊ इकाई के अध्यक्ष वी.एन. पांडेय ने की, जबकि दोनों इकाइयों के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।
बैठक में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के पेंशनर्स की वर्षों से लंबित पेंशन संशोधन (पेंशन रिवीजन) की मांग प्रमुखता से उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1995 के बाद से अब तक एलआईसी पेंशनर्स की पेंशन में संशोधन नहीं किया गया है। इसके चलते सेवानिवृत्त कर्मचारियों एवं उनके आश्रितों को लगातार आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
बैठक को संबोधित करते हुए लखनऊ इकाई के अध्यक्ष वी.एन. पांडेय ने कहा कि एलआईसी देश के विकास और सरकारी राजस्व में प्रतिवर्ष हजारों करोड़ रुपये का योगदान देती है, लेकिन इसके सेवानिवृत्त कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने इसे पेंशनर्स के साथ अन्याय बताते हुए सरकार से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में पेंशन विसंगति की स्थिति यह है कि करीब 15 वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त हुए कार्यकारी निदेशक स्तर के अधिकारियों को आज कई अधीनस्थ श्रेणी के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की तुलना में कम पेंशन मिल रही है। इससे पेंशन संरचना में असंतुलन स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
बैठक में लखनऊ इकाई से सचिव डी.पी.एस. राठौर, उपाध्यक्ष के.पी. शुक्ला, आर.एन. पांडेय, केंद्रीय समिति सदस्य गुरुशरण लाल श्रीवास्तव, आर.के. तिवारी सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। वहीं अयोध्या इकाई के अध्यक्ष अरविंद भूषण तिवारी, एस.पी. गुप्ता एवं अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
बैठक के अंत में केंद्र सरकार से एलआईसी पेंशनर्स की लंबित पेंशन रिवीजन की मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने और वर्षों से चली आ रही पेंशन संबंधी विसंगतियों को दूर करने की अपील की गई। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो पेंशनर्स व्यापक स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

