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| अधिवक्ता |
खुर्शीद खान
सुल्तानपुर।न्यायालय ने अपहरण, बलात्कार एवं धर्मांतरण के मामले में अभियुक्त की जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उसे जमानत पर रिहा किए जाने का आदेश पारित किया।अभियुक्त की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मोहम्मद आरिफ ने प्रभावी एवं तथ्यपरक पैरवी करते हुए न्यायालय के समक्ष तर्क प्रस्तुत किया कि अभियुक्त को दुर्भावनावश झूठे एवं मनगढ़ंत आरोप लगाकर मुकदमे में फंसाया गया है। बचाव पक्ष ने यह भी अवगत कराया कि विवेचना के दौरान पीड़िता ने अभियोजन के आरोपों का समर्थन नहीं किया तथा अपने बयान में लगाए गए आरोपों को स्वीकार नहीं किया, जिससे अभियोजन की कहानी प्रथम दृष्टया संदिग्ध प्रतीत होती है।
बचाव पक्ष की दलीलों, उपलब्ध अभिलेखों एवं दोनों पक्षों की बहस पर विचार करने के उपरांत माननीय न्यायालय ने अभियुक्त को जमानत प्रदान करने का आदेश पारित किया।
अधिवक्ता मोहम्मद आरिफ ने कहा कि न्यायालय ने उपलब्ध तथ्यों एवं विधिक पहलुओं का सम्यक परीक्षण करने के उपरांत अभियुक्त को राहत प्रदान की है। उन्होंने न्यायपालिका पर विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि न्यायालय निष्पक्ष रूप से तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर न्याय प्रदान करता है।

