या-हुसैन की गूंज; मौलाना बबर अली बोले- इमाम हुसैन सभी धर्मों के हैं
खुर्शीद खान
सुल्तानपुर।मोहर्रम का चांद आसमान पर नजर आते ही शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में इमामबाड़े सज गए। मंगलवार रात खैराबाद मोहल्ले में आगाज-ए-मोहर्रम का जुलूस निकाला गया। नसीम हुसैन के इमामबाड़े से शुरू हुए इस जुलूस की मजलिस को मौलाना बबर अली खां ने संबोधित किया। इस दौरान हर ओर 'या हुसैन' की गूंज सुनाई दी।
अपने संबोधन में मौलाना बबर अली खां ने कहा कि इमाम हुसैन किसी एक वर्ग या धर्म विशेष के नहीं हैं, बल्कि वे सभी धर्मों के इमाम हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस अकीदत के साथ मुसलमान उन्हें याद करते हैं, उसी प्रकार हिंदू भाई भी उन्हें आस्था के साथ मानते हैं।
मौलाना ने बताया कि सन 61 हिजरी में कर्बला के मैदान में इमाम हुसैन ने इंसानियत के लिए जो महान कुर्बानी दी थी, उसी वजह से आज 1400 साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उनकी कुर्बानी हर वर्ष याद की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह कुर्बानी कयामत तक याद की जाएगी, क्योंकि यह खुदा का वादा है।
उन्होंने उपस्थित लोगों से कहा कि इमाम हुसैन को मानने और कर्बला के वाकये पर रोने-मातम करने के साथ-साथ हमें कर्बला के शहीदों से प्रेरणा लेनी चाहिए। मौलाना ने संदेश दिया कि जिस तरह उन्होंने दुनिया को ठुकरा कर हक का साथ दिया, उसी प्रकार हमें भी कितनी भी कठिनाइयां क्यों न आएं, हक के साथ डटे रहना होगा।
जुलूस में शहर की अंजुमन गुनचए मजलूमिया ने नौहा-मातम करते हुए कर्बला के शहीदों को याद किया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर नगर कोतवाल सुरेश नारायण मिश्रा, शाहगंज चौकी प्रभारी अविनाश चंद्र और संजय राय सहित कई पुलिसकर्मी मौजूद रहे। वहीं, वार्ड नंबर 25 के सभासद आरिफ अंसारी ने सफाई व्यवस्था की कमान संभाली हुई थी।
इस अवसर पर अनवार हैदर बबलू, रज्जब अली, रफअत हुसैन, डॉ. जफर, अली जाफरी, शाकिर अब्बास और शोरत अली सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

