उत्तर प्रदेश के गोंडा में विद्युत विभाग के लापरवाही से पत्रकार के मौत के मामले में मृतक के भाई की शिकायती पत्र पर स्थानीय पुलिस में विद्युत विभाग के तीन अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। वही मामले को लेकर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने जांच टीम गठित कर दी है, जांच रिपोर्ट आने के उपरांत मामले में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत पथवलिया पोर्टरगंज के रहने वाले अमरजीत तिवारी पुत्र स्वर्गीय रामबरन तिवारी के शिकायती पत्र पर पुलिस ने विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता, विद्युत उपखंड अवर अभियंता और अधिशाषी अभियन्ता अधीक्षण अभियन्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले को लेकर जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है।
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| फाइल फोटो मृतक पत्रकार |
क्या है पूरा मामला
दरअसल शुक्रवार के सुबह लगभग 9:00 बजे शिकायतकर्ता अमरजीत तिवारी के छोटे भाई रंजीत तिवारी के ऊपर, घर के ऊपर से गुजरने वाला हाई टेंशन विद्युत तार टूट कर गिर गया था। जिससे युवक की मौके पर ही मौत हो गई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन एवं पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने मौके का निरीक्षण किया था। परिजनों से मुलाकात कर दुख जताते हुए हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया था।
मृतक के भाई का आरोप
पुलिस को दिए गए शिकायती पत्र में मृतक के भाई ने आरोप लगाते हुए कहा है कि इस घटना से पहले ग्रामीणों के द्वारा सक्षम अधिकारी को विद्युत तार को लेकर पत्र दिया गया था, लेकिन अधिकारियों के लापरवाही के कारण मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस कारण से उसके भाई के मौत के जिम्मेदार विद्युत विभाग के अधिकारी व कर्मचारी है। जिसके आधार पर नगर कोतवाली पुलिस ने शिकायत पत्र में नामित अधिकारियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 105 के तहत गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दिया है।
डीएम का आश्वासन
मामले को लेकर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि दुखद घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक के साथ मृतक परिवार से मिलकर हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया है। पीड़ित परिवार को यथाशीघ्र हर प्रकार से मदद की जाएगी। मामले में मजिस्ट्रेट से जांच करवाने के लिए टीम गठित कर दी गई है। रिपोर्ट आने के उपरांत दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


