सुनील गिरी
हापुड़ जनपद के थाना गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र के मोहल्ला सेगेवाला से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां बच्चों के आपसी विवाद में एक माता-पिता एक आठ वर्षीय मासूम बच्चे के हत्यारे बन गए। आपको बता दें मोहल्ला सेगेवाला के रहने वाले राजाराम का 8 वर्षीय बेटा कृष्णा 21 फरवरी की शाम को घर के बाहर खेलता हुआ अचानक गायब हो गया था, काफी देर बाद भी जब बच्चा अपने घर नहीं पहुंचा तो, परिवार के लोग उसे ढूंढने के लिए निकल पड़े। काफी तलाशने के बाद जब कृष्णा परिवार जनों को नहीं मिला तो उन्होंने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली में दर्ज कराई। पुलिस ने जब इसकी छानबीन की तो पुलिस व परिवार जनों के शक के आधार पर पड़ोस के रहने वाले दीपक शर्मा के घर पर तलाशी ली गई। मासूम कृष्णा का शव पड़ोस मे रहने वाले रस्तोगी के मकान के छत पर एक चादर में लिपटा हुआ पाया गया।पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज कर आरोपियों की तलाश कर दिया था। पुलिस ने आरोपी दीपक शर्मा उसकी पत्नी रीना शर्मा तथा छोटे भाई सोनू को अल्लाबकसपुर के सामने हाईवे से 23 तारीख में गिरफ्तार किया। इसके बाद पुलिस ने जब उनसे पूछताछ की तो उन्होंने कृष्णा की हत्या के मोटिव को बताया कि मृतक कृष्णा आए दिन मेरे छोटे बेटे वंश के साथ मारपीट करता था। जिससे हम काफी परेशान थे 21 फरवरी की शाम को कृष्णा हमारे बच्चों के साथ गली में खेल रहा था, तभी मेरी पत्नी रीना ने कहा कि आज अच्छा मौका है, मैं अपने बच्चों को लेकर जब घर आया तो साथ में कृष्ण को भी ले आया और रात्रि में कृष्ण को भी अपने बच्चों के साथ ही सुला दिया। लेकिन शाम को ही कृष्णा के परिवार को कृष्णा के गुम होने की जानकारी मिल गई थी, वो लोग कृष्णा को ढूंढने लगे थे जिसके बाद हमने कृष्णा का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। लेकिन मोहल्ले के लोगों के सक्रियता के कारण कृष्णा के शव को अपने घर से नहीं हटा पाए थे, जिसके बाद हम दोनों पति-पत्नी वह मेरे भाई ने मिलकर कृष्णा के शव को एक कपड़े में लपेट कर पड़ोसी रस्तोगी की छत पर रख दिया था। तुरंत हम तीनों लोग अपने बच्चों को लेकर घर से निकल गए थे, तथा कृष्णा के द्वारा पहने टोपा,चप्पल व गले में पहना हुआ लॉकेट को ठंडी सड़क पर एक प्लॉट में दीवार के पास झाड़ियां में छिपा दिया था। जिसको पुलिस ने आरोपियों के निशान देही से बरामद कर लिया है।

