कृष्ण मोहन
उत्तर प्रदेश के गोंडा पुलिस ने भट्ठा मुनीम के हत्या का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के निशान देही पर घटना में प्रयुक्त बांका और मोटरसाइकिल बरामद हुआ है। पुलिस के गिरफ्त में आने के बाद हत्या आरोपियों से पूछताछ में हैरानी भरा खुलासा हुआ है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक मंगलवार को छपिया पुलिस ने एसओजी व सर्विलांस टीम के सहयोग से ईट भट्ठा मुंशी राम सजीवन वर्मा के तीन हत्या आरोपी, थाना क्षेत्र के ही सिसई रानीपुर गांव के रहने वाले सचिन पुत्र सावल प्रसाद, बृजेश कुमार पुत्र रामनिहाल, और गांव के रक्बा टोला निवासी महाजन गुप्ता पुत्र प्रहलाद गुप्ता को सिसई रानीपुर गांव को जाने वाले रास्ते पर स्थित पुलिया के पास से गिरफ्तार कर लिया है।
कब हुई थी हत्या
दरअसल, छपिया थाना क्षेत्र के साबरपुर में संचालित काशीराम वर्मा के ईंट भट्टे पर अयोध्या जिले के गोसाईगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले मुंशी राम सजीवन वर्मा पर, 4 दिसंबर की मध्य रात्रि में बरामदे में सोते समय सिर और गले पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ चार पांच वार करके हमलावर फरार हो गए थे। चीख पुकार सुनने के बाद दौड़े भट्ठा मजदूरों ने भट्ठा मुंशी को मेडिकल कॉलेज अयोध्या पहुंचाया था। जहां उनकी मौत हो गई थी। मामले में भट्ठा मालिक के शिकायती पत्र पर छपिया पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दिया था।
गहराई से छानबीन पर खुली पोल
बताया जाता है कि मृतक राम सजीवन ईट भट्टे पर लगभग 14 वर्ष से मुंशी की जिम्मेदारी निभा रहा था। भट्ठा मालिक का रिश्ते में भांजा होने के साथ-साथ अपने कार्य शैली से भट्ठा मालिक को विश्वास में ले लिया था। ऐसी स्थिति में भट्ठा मालिक की बड़ी से बड़ी रकम मुंशी के पास रहती थी। जो उसकी मौत का कारण बन गई।
11 लाख ही नहीं आशनाई भी थी वजह
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक पूछताछ के दौरान पता चला कि आरोपी बृजेश और मृतक राम सजीवन के बीच आशनाई को लेकर रंजिश थी, लेकिन, लोगों की नजर में मामला सामने नहीं आ रहा था, इसी दौरान जमीन खरीदने के लिए 11 लाख रुपए भट्ठा मुंशी ने भट्ठा कार्यालय के बक्से में रखा था। भट्टे पर ट्रैक्टर चालक सचिन रुपया रखने के समय मौके पर मौजूद था, लेकिन मुंशी को उसकी नीयत पर आशंका नहीं हुई। सचिन को भट्टे पर नौकरी से निकाले जाने की धमकी मिल चुकी थी, जिससे वह अपमानित महसूस कर रहा था। उक्त रकम को लूट कर सचिन अपने अपमान का बदला लेना चाहता था। ऐसे में उसने बृजेश से संपर्क किया। उसे भी भट्ठा मुंशी से बदला लेना था। दोनों ने आशनाई के विवाद और अपमान के बदले में शिकस्त के साथ-साथ रुपए लूटने की योजना बना डाली।
हत्या के लिए खरीदा बांका
इंस्पेक्टर प्रबोध कुमार के मुताबिक भारी भरकम रकम ऑफिस में होने की जानकारी सचिन ने अपने दो साथियों को दी। घटना को अंजाम देने से पहले तीनों दोस्त बभनान पहुंचे, जहां उन्होंने बांका खरीदने के बाद रात के 11:00 भट्टे का रुख किया।
ताबड़तोड़ वार कर बेरहमी से हत्या
थाना प्रभारी प्रबोध कुमार ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में ज्ञात हुआ है कि जब भट्ठा मुंशी गहरी नींद में सो रहा था तो, अपनी योजना के मुताबिक भट्टे पर पहुंचे सचिन ने मुनीम के हाथ, बृजेश ने पैर को कसकर पकड़ लिया। इसी दौरान महाजन ने बांका से ताबड़तोड़ सिर और गर्दन पर चार पांच बार कर दिया। जिससे चीख पुकार मच गई। भट्ठा मजदूरों के दौड़ पड़ने के कारण तीनों बदमाश पकड़े जाने के डर से लूट की घटना को अंजाम दिए बिना हमला करके भाग निकले। भागने के दौरान बदमाशों ने रास्ते में पड़ने वाले नहर के किनारे झाड़ियों में बांका को फेंक दिया था। इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपियों के निशान देही पर झाड़ियों से बांका बरामद कर लिया गया है।

