उत्तर प्रदेश के गोंडा में देव दर्शन व मेला देखने के लिए अयोध्या निकला युवक नहाते समय सरयू नदी में डूब गया, जिसे नदी से निकालकर गंभीर दशा में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान होने पर पुलिस ने घटना से परिजनों को अवगत कराया, जिससे कोहराम मच गया।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक गुरुवार को मनकापुर कोतवाली क्षेत्र के पंचपुती जगतापुर गांव के मजरे कुट्टिया के रहने वाले बाबूराम के परिवार में उस समय चीख पुकार मच गई, जब मनकापुर पुलिस के जरिए अयोध्या में बाबूराम के 21 वर्षीय बेटे शिवपूजन के डूब कर मौत होने की जानकारी प्राप्त हुई। बेटे के वापस न लौटने के ग़म में डूबे परिवार में हाहाकार मच गया।
खोजते रहे परिजन
बताया जाता है कि 9 अगस्त को शिवपूजन सावन का मेला देखने व अयोध्या में दर्शन के लिए घर से अकेले निकला था। जिसके बाद वापस घर नहीं लौटा, तब परिवार वाले मित्रों और रिश्तेदारों से फोन के जरिए पूछताछ करने लगे, लेकिन उसका कहीं सुराग न लगा।
पुलिस ने सोशल मीडिया का लिया सहारा
दरअसल, सरयू नदी में डूबने के दौरान युवक को निकाल कर गंभीर दशा में अयोध्या के श्री राम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जिसकी इलाज के दौरान मौत हो जाने के उपरांत शव को कब्जे में लेकर महाकाल सेवा संस्थान में पहचान के लिए रखवा दिया था, पहचान न हो पाने के कारण पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए मृतक का फोटो जारी किया था, जिसको मनकापुर पुलिस के द्वारा क्षेत्र के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अग्रसारित किया गया था। सोशल मीडिया में फोटो डालने के बाद परिजनों ने हाथ में बने टैटू के जरिए पहचान करते हुए मनकापुर पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद पुलिस ने परिजनों को अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि थाना के लिए रवाना कर दिया। जहां से परिजनों ने शव का पहचान करते हुए प्राप्त कर अंतिम संस्कार कर दिया।
बोले थाना प्रभारी
मनकापुर थाना अध्यक्ष गौरव सिंह तोमर ने दूरभाष पर बताया कि अयोध्या पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए सूचना जारी की थी, जिसे क्षेत्र के व्हाट्सएप ग्रुपों पर प्रसारित किया गया था। इसके बाद मृतक के परिजन ने युवक की पहचान कर ली।



