पं श्याम त्रिपाठी
गोंडा। जनपद के थाना मोतीगंज क्षेत्र अंतर्गत छाछपारा मुतवल्ली गांव में बिजली विभाग की कार्रवाई के दौरान मंगलवार को हालात बेकाबू हो गए। बकाया बिल और अवैध कनेक्शनों के विरुद्ध कार्रवाई से नाराज ग्रामीणों ने विद्युत विभाग की टीम पर हमला कर दिया। हाथापाई, अभद्रता और मारपीट में अवर अभियंता (जेई) समेत कई कर्मचारी घायल हो गए, जबकि सरकारी अभिलेख फाड़ने और मोबाइल फोन तोड़ने का भी आरोप है। घटना 6 जनवरी 2026 को अपराह्न करीब चार बजे की बताई जा रही है। मिली जानकारी के मुताबिक खोरहंसा विद्युत उपकेंद्र पर तैनात अवर अभियंता विशाल चौरसिया विभागीय टीम के साथ गांव में बकाया वसूली और अवैध कनेक्शनों पर कार्रवाई करने पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ ग्रामीणों ने कनेक्शन काटे जाने का विरोध किया और देखते ही देखते मामला उग्र हो गया। आरोप है कि ग्रामीणों ने लाठी-डंडों और हाथों से कर्मचारियों की पिटाई की। हमले में जेई को गंभीर चोटें आईं, जबकि अन्य कर्मचारियों को भी उपचार कराना पड़ा।
पीड़ितों के मुताबिक हमलावरों ने जेई और कर्मचारियों के मोबाइल फोन छीनकर तोड़ दिए तथा साथ लाए सरकारी कागजात भी फाड़ दिए। किसी तरह जान बचाकर अवर अभियंता विशाल चौरसिया अपने सहयोगियों के साथ मोतीगंज थाने पहुंचे और तहरीर दी। अवर अभियंता विशाल चौरसिया ने बताया कि बिल जमा करने की बात कहते ही ग्रामीणों ने मारपीट शुरू कर दी। इस घटना में संविदा बिजली कर्मचारी सद्दाम अहमद, अब्दुल वहाब, राजकुमार तिवारी, अनूप श्रीवास्तव, शाहिद अहमद, सुधीर कुमार और संदीप कुमार को भी गंभीर चोटें आई हैं। सभी घायलों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र काजीदेवर में मेडिकल परीक्षण कराया गया है। घटना का वीडियो भी मंगलवार शाम का बताया जा रहा है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामले की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। तहरीर के आधार पर थाना मोतीगंज में नान्हू चौहान, सुनील, राम बचन, सम्हारे, राजे, ननकने, अर्जुन और शंकर—कुल आठ नामजद आरोपियों के विरुद्ध सरकारी कर्मचारी पर हमला, मारपीट, गाली-गलौज, सरकारी कार्य में बाधा और अभिलेख नष्ट करने जैसे आरोप में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की सात गंभीर धाराओं 191(2), 115(2), 352, 121(1), 132, 324(4) एवं 310(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इस संबंध में मोतीगंज थानाध्यक्ष अरविंद यादव ने बताया कि तत्काल मुकदमा पंजीकृत कर जांच उपनिरीक्षक विवेक कुमार को सौंपी गई है। वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहन जांच की जा रही है तथा आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। वहीं बिजली विभाग के अधिकारियों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि सरकारी कर्मचारियों पर हमला कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है। दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। घटना के बाद गांव और आसपास के इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।





