कोर्ट के स्थगन आदेश के बावजूद फर्जी पैमाइस करके पीड़ित की जमीन पर करवा रहा है दबंगो का कब्ज़ा
डीएम ने एसडीएम को दिया जांच कर कार्यवाही का निर्देश
पं श्याम त्रिपाठी/बनारसी मौर्या
गोण्डा। जिले के थाना क्षेत्र नवाबगंज के मौहारी गाँव मे लेखपाल का एक हैरतअंगेज मामला सामने आया है, जिसे सुनकर आप भी दंग रह जायेंगे, आरोप है कि इस लेखपाल ने कोर्ट के स्थगन आदेश को न केवल दरकिनार किया बल्कि पीड़ित के गाटा संख्या कि भूमि पर फर्जी पैमाइस कर सपाट मेमो लगाकर विपक्षियों को पक्का मकान निर्माण कराने का आदेश भी दें डाला।
मामला नवाबगंज के मौहारी गाँव से जुड़ा है जहाँ के निवासी नर सिंह नारायण सिंह का आरोप है की उसके गाटा संख्या की भूमि पर कोर्ट के स्थगन आदेश के बावजूद हल्का लेखपाल ने उसकी परवाह न करते हुए विपक्षियों से मिलकर फर्जी पैमाइस कार डाली और तो इस बेखौफ़ लेखपाल ने फर्जी सपाट मेमो तैयार करके विपक्षियों को वहां पक्का मकान निर्माण करवाने का आदेश दें डाला, पीड़ित का आरोप है की जब उसने थाने पर इसकी शिकायत करते हुए तहरीर दी तो उल्टा उस पर ही एक पक्षीय धारा 151 के तहत कार्यवाही की गयी, इस लेखपाल का खेल यहाँ खत्म नही होता, पीड़ित का आरोप है कि हल्का लेखपाल खुद घर बैठे रहते हैं जबकि उनके स्थान पर उनका बेटा लेखपाली कर रहा है. आरोप है कि लेखपाल के बेटे ने ही ये फर्जी पैमाइस की है। बहरहाल पीड़ित ने दिनांक 17 जनवरी को तरबगंज पर पहुँचकर तहसील दिवस मे जिलाधिकारी गोण्डा प्रियंका निरंजन को प्रार्थना पत्र देकर उचित कार्यवाही की मांग की है. जिलाधिकारी ने पूरे मामले की जांच एसडीएम तरबगंज को सौपकर न्याय का भरोसा दिलाया है। कितनी हैरानी की बात है कि एक तरफ सीएम योगी द्वारा भ्रष्टाचार मे लिप्त अधिकारिओं व कर्मचारियों पर सख्त कार्यवाही का आदेश दिया जाता है वहीँ राजस्व विभाग मे आज भी भ्रष्टाचार का खेल उजागर हो रहा है। जो चंद फायदों के लिए न केवल पीड़ितों कि दुश्वरियां बढ़ा रहे हैं बल्कि सरकार कि मंशा पर भी खुलेआम पानी फेर रहे हैं।

