कमलेश
खमरिया-खीरी:मौनी अमावस्या के पर्व पर रविवार को एनएच 730 के बहराइच बॉर्डर पर स्थित जालिम नगर पुल के समीप सरयू नदी के घाट पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। जहां हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने सरयू नदी में डुबकी लगाई और मौन स्नान के बाद गरीबों में तिल व चावल का दान कर पुण्य अर्जित किया। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने अलग अलग देव स्थानों पर लगे मेले में सत्यनरायण की कथा सुन जमकर खरीदारी की।
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| श्री सत्यनारायण कथा सुनते श्रद्वालु |
बताया जाता है कि मौनी अमावस्या के अवसर पर गंगा स्नान का विशेष महत्व है। अगर किसी कारण से गंगा स्नान संभव न हो तो आस पास के पवित्र नदियों सरोवरों में भी स्नान किया जा सकता है। इसी क्रम में
रविवार को मौनी अमावस्या के पर्व पर धौरहरा क्षेत्र में स्थित सरयू नदी के तट पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने स्नान किया।
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| जलाभिषेक करते शिव भक्त |
यहां सुबह 4 बजे से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला प्रारंभ हो गया था। जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ता गया स्नानार्थियों की संख्या भी बढ़ती गई। सरयू स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने घाट के पंडों को तिल, चावल और मुद्रा का दान करके पुण्य अर्जित किया। स्नान करने वालों में महिलाएं बच्चे व बुजुर्ग भी शामिल रहे।
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| मंदिर |
सभी ने स्नान करने के बाद घाट पर स्थित नागेश्वर महादेव मन्दिर,जंगलीनाथ मंदिर जसवंतनगर,नरयना बाबा मंदिर धौरहरा व कफारा में स्थित भगवान लीलानाथ मंदिर में जलाभिषेक कर पूजन अर्चन किया व भगवान श्री सत्यनरायण की कथा भी सुनी। इस मौके पर मेले का भी आयोजन किया जिसमें घाट के साथ मंदिरों पर दूर दराज से आये दुकानदारों ने अपनी दुकानें सजा रखी थी,जहां सभी ने जमकर खरीदारी की। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अलग अलग थानों की पुलिस मुस्तैद रही।




