पं श्याम त्रिपाठी/बनारसी मौर्या
नवाबगंज,गोण्डा। क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए क्षेत्र के माझाराठ में मे० सीगल इंडिया को अवैध बालू खनन करते हुए पकड़ा है। मामले में फर्म के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है और 79.90 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
जिलाधिकारी को विशेष सूत्रों से मिली सूचना के आधार पर उपजिलाधिकारी तरबगंज, हल्का लेखपाल संतोष श्रीवास्तव एवं थानाध्यक्ष नवाबगंज की संयुक्त टीम ने जांच की। जांच में सामने आया कि मे० सीगल इंडिया द्वारा स्वीकृत शर्तों का उल्लंघन करते हुए मिट्टी के स्थान पर नदी तल से बालू का अवैध खनन किया जा रहा था।प्रशासन के अनुसार मे० सीगल इंडिया को तहसील तरबगंज के ग्राम दुर्गागंज में स्थित विभिन्न गाटा संख्याओं पर कुल 2.533 हेक्टेयर क्षेत्रफल से 29,636 घन मीटर साधारण मिट्टी के खनन की अनुमति 13 दिसंबर 2025 से 12 मार्च 2026 तक अयोध्या बाईपास रिंग रोड निर्माण के लिए दी गई थी। लेकिन मौके पर की गई पैमाइश में को-ऑर्डिनेट N 26°49'42", E 82°8'56" पर लगभग 18,600 वर्ग मीटर क्षेत्र में औसतन 1.10 मीटर गहराई तक करीब 20,460 घन मीटर बालू का अवैध खनन पाया गया। यह बालू निर्माणाधीन अयोध्या बाईपास रिंग रोड में प्रयोग की जा रही थी।प्रशासन ने इसे उत्तर प्रदेश उपखनिज परिहार नियमावली 2021 के नियम 3, 58 व 72 तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 4 व 21 का उल्लंघन माना है। साथ ही सरकारी संपत्ति की चोरी के तहत लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984 की धारा 2/3 के अंतर्गत भी कार्रवाई की गई है।इससे पहले 18 नवंबर 2025 को भी मे० सीगल इंडिया के खिलाफ ग्राम तुलसीपुर माझा में अवैध खनन व परिवहन के मामले में कार्रवाई की गई थी, जिसमें सात डंपर और एक पोकलेन मशीन जब्त की गई थीं। इसके बावजूद फर्म द्वारा दोबारा अवैध खनन किए जाने से प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है।उपरोक्त तथ्यों के आधार पर फर्म के अधिकृत प्रतिनिधि विकासमणि त्रिपाठी निवासी पृथ्वीपुर हंडिया, प्रयागराज के खिलाफ खान एवं खनिज अधिनियम, लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

