पं श्याम त्रिपाठी/बनारसी मौर्या
तरबगंज गोंडा।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष जैसे ऐतिहासिक कालखंड में आज हमारे तरबगंज विधानसभा क्षेत्र में आयोजित विराट “हिंदू सम्मेलन” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हिंदू समाज के स्वाभिमान, चेतना और अपने भविष्य के संरक्षण की चेतावनी का स्पष्ट उद्घोष था। इस महासम्मेलन में विधानसभा क्षेत्र के पाँच हज़ार से अधिक की संख्या में एकत्रित सनातनी हिंदुओं ने सहभाग कर यह सिद्ध कर दिया कि हिंदू समाज अब न बिखरा है, न भ्रमित और न ही मौन है बल्कि वह एकजुट होकर अपनी पहचान और अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट हो चुका है।
इस ऐतिहासिक आयोजन में देश के सर्वोच्च न्यायालय के प्रखर एवं निर्भीक अधिवक्ता अश्वनी उपाध्याय ने मुख्य वक्ता के रूप में सम्बोधित किया तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता सिद्धपीठ श्री हनुमानगढ़ी, अयोध्या धाम के पूज्य महंत श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर ब्रह्मर्षि डॉ. स्वामी महेश योगी जी महाराज ने किया एवं इस अवसर पर विशेष वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सम्पर्क प्रमुख आदरणीय गंगा सिंह जी भाई साहब, कटरा कुट्टी धाम के महंत पूज्य चिन्मयानंद महाराज सहित प्रखर सनातनियों ने इस सम्मेलन को आध्यात्मिक ऊर्जा और राष्ट्रवादी चेतना से ओत-प्रोत कर दिया। संघ के सौ वर्ष केवल अतीत का स्मरण नहीं, बल्कि यह तय करने का निर्णायक समय है कि हिंदू समाज अब अपनी सहिष्णुता को कमजोरी नहीं बनने देगा।
यह सम्मेलन स्पष्ट शंखनाद है कि हिंदुत्व कोई नारा नहीं, बल्कि भारत की सनातन जीवन-दृष्टि, संस्कृति और राष्ट्र की आत्मा है। आज एकता कोई विकल्प नहीं, बल्कि अस्तित्व की अनिवार्यता बन चुकी है। मतभेदों को त्यागकर, स्वाभिमान को अपना शस्त्र बनाकर और राष्ट्र को सर्वोपरि मानकर हमें एकजुट होना ही होगा। यह समय आग्रह का नहीं, उद्घोष का है — यह समय सहने का नहीं, खड़े होने का है। हिंदुत्व की अटूट एकता के माध्यम से एक समर्थ भारत और सनातन राष्ट्र के पुनर्निर्माण का यह संकल्प अब रुकने वाला नहीं है।कार्यक्रम मे आये मुख्य अतिथि सहित अन्य अतिथियों का तरबगंज विधायक प्रेमनरायन पांडेय ने अंगवस्त्र व माला पहनाकर स्वागत किया है मौके पर विधायक प्रतिनिधि अनुज शुक्ला, प्रमुख मनोज पांडेय, जिला पंचायत सदस्य विनोद पांडेय,प्रधान आर डी तिवारी, राम धोख मिश्रा, संजय श्रीवास्तव सिरसा, विनय तिवारी सहित तमाम लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में सम्मिलित होकर सफल बनाने हेतु समस्त सनातनी हिंदू बंधुजनों को हृदय की गहराईं से कोटि-कोटि धन्यवाद एवं आभार।


