कमलेश
खमरिया खीरी:ईसानगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डाक्टरों व स्टाफ की कथित लापरवाही से एक प्रसूता की मौत हो जाने से परिजनों में आक्रोश फैल गया। मामले को लेकर परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना पर पहुंचे विधायक ने परिजनों को शांत कराया और जिम्मेदार डाक्टर और एएनएम को लताड़ लगाते हुए दोनों के विरुद्ध सीएमओ से कार्यवाही की मांग की,जिसके बाद डिप्टी सीएमओ की अगुवाई में दो सदस्यीय जांच टीम गठित कर जांच शुरू करवा दी गई है।
ईसानगर क्षेत्र के गांव शिवपुर निवासी रामावती (35) पत्नी रामकिशुन को मंगलवार दोपहर करीब एक बजे एंबुलेंस से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद भी प्रसूता को करीब एक घंटे तक एंबुलेंस में ही पड़े रहने दिया गया। इस दौरान मौके पर मौजूद चर्चित डॉक्टर अख्तरे आलम खान और एएनएम ने उसे देखने तक की जहमत नहीं उठाई।
आरोप है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई और एंबुलेंस में ही रामावती का प्रसव हो गया। इसके बाद जच्चा-बच्चा को अस्पताल के अंदर ले जाया गया, लेकिन तब तक प्रसूता रामावती को अत्यधिक रक्तस्राव हो चुका था,जिसकी वजह से हालत बिगड़ने पर उसकी मौत हो गई। परिजनों ने स्टाफ नर्स और डाक्टर की लापरवाही की वजह से मौत होने को बताया है। इसी दौरान घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे विधायक विनोद शंकर अवस्थी ने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। और एन एन एम सहित डाक्टर को लताड़ लगाते हुए उन्होंने फोन पर सीएमओ से बात कर पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। जिसको गंभीरता से लेते हुए सीएमओ ने डिप्टी सीएमओ अमितेश खमरिया सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित कुमार सिंह की टीम गठित कर तीन दिन के अंदर जांच सौंपने की बात कही है। वही इस बाबत सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित कुमार सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि महिला को छटा बच्चा था,करीब ढाई बजे वह पीएचसी ईसानगर पहुंची उस समय एएनएम लंच पर गई थी। कुछ देर में आई तब तक प्रसूता को पीपीएच हो गया। महिला को रेफर कर दिया गया था,पर एम्बुलेंस से भेजा नहीं जा सका इसी दौरान महिला की मौत हो गई।




