कमलेश
खमरिया-खीरी:ईसानगर क्षेत्र की ग्राम पंचायत बेहटा में चार साल पहले बनवाया गया राजकीय पशु चिकित्सालय सफेद हांथी बनकर खड़ा हुआ है। जिसकी वजह से पशु चिकित्सालय किराए के मकान में संचालित हो पशु पालको के लिए समस्या बना हुआ है,बावजूद ज़िम्मेदार इस ओर ध्यान न देकर चुप्पी साध तमाशबीन बने हुए है।
![]() |
| अस्पताल फोटो |
ईसानगर क्षेत्र की ग्राम पंचायत बेहटा में चार वर्ष पहले पशुपालकों को सुविधा प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा 42 लाख रुपये जारी कर बनवाया गया राजकीय पशु चिकित्सालय सफेद हांथी बनकर खड़ा हुआ है। हालात यह हो गए कि डॉक्टरों को पशु चिकित्सालय कस्बा खमरिया में किराए के मकान में संचालित करना पड़ रहा है,वही पशु पालकों को स्थाई अस्पताल न मिल पाने की वजह से तमाम तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
![]() |
| अस्पताल का वार्ड |
क्षेत्रवासियों को पशु चिकित्सालय की नही है जानकारी
कहने को तो पशु पालकों के लिए सरकार ने 42 लाख रुपये खर्च कर करीब चार साल पहले भवन का निर्माण करवाया था,जो बनने के बाद आजतक विभाग को हैंड ओवर न होने की वजह से वह केवल सफेद हांथी बनकर रह गया। ताज़्जुब तो तब हुआ जब अल्लीपुर,सुजावलपुर,फत्तेपुर,परसिया,दिलावलपुर,बेहटा,समर्दा समेत अन्य गांवों के पशुपालकों ने इस बारे में बताया कि उनके पशुओं के इलाज के लिए खमरिया कस्बे के परसिया रोड पर स्थित एक किराए के मकान में पशु चिकित्सक बैठकर दवाई देते है,यह अस्पताल किस स्थान पर बना है,इसकी उन्हें भी जानकारी नही है।
जेई ने कहा बिजली कनेक्शन की वजह से नही हो पाया हैंडओवर
अस्पताल को सुचारू रूप से तैयार कर अभी तक विभाग को हैंडओवर न कर पाने को लेकर कार्यदाई संस्था के जेई बृजकिशोर वर्मा से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि भवन में बिजली कनेक्शन अभी तक नही हो पाया है,इसी की वजह से अस्पताल पशुपालन विभाग को रिसीव नही करवाया जा सका है। बिजली कनेक्शन के लिए उनके पास केवल 75000 रुपये का बजट है,जबकि बिजली विभाग ने अस्पताल तक कनेक्शन पहुचाने के लिए 2 लाख 15 हजार रुपये का स्टीमेट दिया है। जिसके लिए अतिरिक्त धन की डिमांड की गई थी पर अभी तक स्वीकृत नही हो पाई,विभाग से बाकी धन मिलते ही बिजली का कनेक्शन करवाने के बाद अस्पताल विभाग को हैंड ओवर कर दिया जाएगा।






