कमलेश
ईसानगर/खमरिया खीरी। मोहर्रम पर्व को लेकर ईसानगर और खमरिया थाना क्षेत्र में निकलने वाले ताजिया जुलूसों एवं सुपुर्द-ए-खाक कार्यक्रम को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह हाई अलर्ट पर है। दोनों थाना क्षेत्रों में स्थापित कुल 570 ताजिए कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किए जाएंगे, जिसके लिए गांवों से लेकर कर्बला तक सुरक्षा का अभेद घेरा तैयार किया गया है।
ईसानगर थाना क्षेत्र के 291 और खमरिया थाना क्षेत्र के 279 ताजियों के जुलूस निर्धारित मार्गों से होकर कर्बला पहुंचेंगे। हजारों की संख्या में अकीदतमंदों की मौजूदगी को देखते हुए पुलिस ने संवेदनशील स्थलों, भीड़भाड़ वाले मार्गों और कर्बला स्थलों पर विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की है। गुरुवार की रात से ही पुलिस टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर सुरक्षा इंतजामों का जायजा ले रही हैं। मोहर्रम के दौरान निकलने वाले पारंपरिक जुलूसों, मातमी कार्यक्रमों और अखाड़ों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने जुलूस मार्गों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। मोहर्रम पर्व को लेकर अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की अफवाह, अराजकता या माहौल बिगाड़ने की कोशिश पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। वही ईसानगर थाना प्रभारी बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि थाना क्षेत्र के सभी ताजिया आयोजकों एवं संभ्रांत लोगों के साथ लगातार संवाद बना हुआ है। जुलूसों की निगरानी के लिए पुलिस बल को महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि मोहर्रम आपसी भाईचारे का संदेश देने वाला पर्व है, इसे शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराना पुलिस की प्राथमिकता है। इनके अलावा खमरिया थाना प्रभारी निर्मल तिवारी ने बताया कि उनके थाना क्षेत्र में स्थापित 279 ताजियों के सुपुर्द-ए-खाक होने तक सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जुलूस मार्गों पर लगातार पुलिस गश्त की जा रही है और प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से भ्रामक सूचना फैलाने तथा सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इससे अब यह साफ है कि क्षेत्र में
मोहर्रम के मौके पर दोनों थाना क्षेत्रों में प्रशासन और पुलिस की संयुक्त निगरानी के बीच ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा व उम्मीद है कि क्षेत्र की गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी सौहार्द की परंपरा एक बार फिर कायम रहेगी और पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होगा।


