पं श्याम त्रिपाठी/ बनारसी मौर्या
नवाबगंज (गोंडा)। नगर के पड़ाव मोहल्ले में स्थित एक निजी अस्पताल के सामने टीन शेड लगाने को लेकर बुधवार को हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। मारपीट की घटना में अस्पताल संचालक समेत छह लोग घायल हो गए। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। घटना के बाद प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई भी की।
थाना क्षेत्र के तुलसीपुर माझा निवासी एवं देव मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल के संचालक मनोज कुमार सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि अस्पताल परिसर के बेसमेंट में दुकान संचालित करने वाले पूर्व सभासद रिजवान अस्पताल के सामने पीडब्ल्यूडी की भूमि पर टीन शेड लगवा रहे थे। इससे अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों को परेशानी होने के साथ अस्पताल की दृश्यता भी प्रभावित हो रही थी।
आरोप है कि बुधवार दोपहर करीब 3:15 बजे टीन शेड लगाने का विरोध करने पर रिजवान, असद तथा उनके साथ आए छह-सात अन्य लोग लाठी-डंडा और सरिया लेकर मौके पर पहुंचे तथा गाली-गलौज करते हुए हमला कर दिया। मारपीट में अस्पताल संचालक मनोज कुमार सिंह, उनके चचेरे भाई हर्षवर्धन सिंह, डॉ. प्रदीप सिंह, रामबहादुर सिंह, देवशरण सिंह तथा मरीज रोहित घायल हो गए। बताया गया कि हर्षवर्धन सिंह के सिर में गंभीर चोट आई है। शोर सुनकर स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव किया, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
पीड़ित ने दो नामजद तथा सात अज्ञात लोगों के विरुद्ध तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। थानाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि तहरीर प्राप्त हुई है और मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने हटवाया अतिक्रमण
घटना की सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी तरबगंज प्रदीप कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी डॉ. उमेश्वर प्रभात सिंह तथा पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। अधिकारियों की मौजूदगी में सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को जेसीबी मशीन के माध्यम से हटाने की कार्रवाई की गई।
प्रशासन ने स्टेट बैंक मोड़ से कटी मोड़ तक सड़क किनारे किए गए विभिन्न अतिक्रमणों को हटाने का अभियान चलाया। इस दौरान नगरपालिका की टीम भी मौजूद रही। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक मार्गों एवं सरकारी भूमि पर किसी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्थानीय लोगों के अनुसार घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आया। आगामी त्योहारों को देखते हुए कानून-व्यवस्था एवं यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज कर दी है।




