अखिलेश्वर तिवारी
जनपद बलरामपुर में एमएलके पीजी कॉलेज के रोवर्स रेंजर्स ने उत्तराखंड के शीतलाखेत (अल्मोड़ा) में आयोजित पाँच दिवसीय एडवेंचर कैंप में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया ।
28 जून को एमएलके पीजी कॉलेज के रोवर्स रेंजर्स दल ने 22 जून से 26 जून 2026 तक उत्तराखंड के शीतलाखेत, जनपद अल्मोड़ा स्थित राज्य प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित पाँच दिवसीय एडवेंचर कैंप में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। कैंप का उद्देश्य युवाओं में साहसिक भावना, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, टीम भावना तथा प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करना था। महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. जेपी पाण्डेय के मार्गदर्शन एवं रोवर प्रभारी डॉ. श्रीकृष्ण त्रिपाठी तथा रेंजर प्रभारी डॉ. वंदना सिंह के नेतृत्व में दल ने कैंप में सहभागिता की। प्रथम दिवस प्रतिभागियों ने नीब करौली बाबा कैंची धाम का दर्शन किए फिर शीतलाखेत क्षेत्र का भ्रमण कर प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत की जानकारी प्राप्त की।
द्वितीय दिवस ग्राउंड एडवेंचर गतिविधियों के अंतर्गत ट्रेकिंग, रिवर क्रॉसिंग, विभिन्न टीम आधारित अभ्यास किया एवं रात्रि में कैंप फायर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में रेंजर प्रभारी डॉ. वंदना सिंह का सम्मान भी किया गया। विभिन्न जनपदों से आए रोवर-रेंजर, स्काउट-गाइड, स्काउट मास्टर एवं गाइड कैप्टन ने कार्यक्रम में सहभागिता की । तृतीय दिवस रॉक क्लाइम्बिंग, रैपलिंग, एब्सेलिंग, वैली क्रॉसिंग सहित अनेक साहसिक गतिविधियों का आयोजन हुआ। प्रतिभागियों ने साहस, आत्मविश्वास एवं टीम वर्क का उत्कृष्ट परिचय दिया। इसके पश्चात कैंप फायर के माध्यम से सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दी गईं। चतुर्थ दिवस प्रतिभागियों ने अल्मोड़ा जनपद की प्रसिद्ध स्याही देवी चोटी तक ट्रेकिंग की तथा पर्वतीय जैव विविधता, स्थानीय वनस्पतियों एवं प्राकृतिक संसाधनों के बारे में जानकारी प्राप्त की। शाम को आयोजित प्रतियोगिताओं में विभिन्न जिलों के प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया । प्रतियोगिता में एमएलके पीजी कॉलेज के रोवर्स रेंजर्स का प्रदर्शन सराहनीय रहा। पंचम एवं अंतिम दिवस समापन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान किए गए। एमएलके पीजी कॉलेज के प्रतिभागियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए स्मृति चिन्ह प्राप्त किए तथा महाविद्यालय का नाम गौरवान्वित किया। महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. जे.पी. पाण्डेय ने सभी प्रतिभागियों एवं दल-प्रभारियों को उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि ऐसे साहसिक प्रशिक्षण शिविर विद्यार्थियों में नेतृत्व, अनुशासन, आत्मनिर्भरता, पर्यावरण संरक्षण तथा सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना का विकास करते हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी महाविद्यालय के रोवर्स रेंजर्स इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर संस्थान एवं जनपद का गौरव बढ़ाते रहेंगे।