अखिलेश्वर तिवारी
जनपद बलरामपुर के माॅं पाटेश्वरी विश्वविद्यालय और दीनदयाल शोध संस्थान, जयप्रभा ग्राम, गोंडा के मध्य गुरुवार को शिक्षा, अनुसंधान, कृषि विकास, ग्रामीण उत्थान, कौशल विकास, उद्यमिता संवर्धन तथा थारू जनजाति कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) संपन्न हुआ। समझौते का उद्देश्य दोनों संस्थाओं के बीच शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान सहयोग तथा सामुदायिक विकास के क्षेत्र में दीर्घकालिक साझेदारी स्थापित करना है।
माॅं पाटेश्वरी विश्वविद्यालय तथा दीनदयाल शोध संस्थान के बीच 25 जून को हुए समझौते के अंतर्गत कृषि प्रसार एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास, थारू जनजाति के उत्थान, महिला सशक्तिकरण, युवा नेतृत्व विकास, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जागरूकता, कौशल विकास तथा स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप, शैक्षणिक भ्रमण, अनुभवात्मक अधिगम तथा संकाय आदान-प्रदान जैसी गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। दोनों संस्थाएं संयुक्त रूप से सेमिनार, कार्यशालाएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम और जनजागरूकता अभियानों का आयोजन करेंगी तथा सतत कृषि, पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में भी सहयोग करेंगी। विशेष रूप से थारू छात्र-छात्राओं के सशक्तिकरण और उनके शैक्षणिक विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय के कुलसचिव परमानंद सिंह तथा दीनदयाल शोध संस्थान के प्रभारी रामकृष्ण तिवारी इस समझौते के समन्वयक नामित किए गए हैं। यह समझौता हस्ताक्षर की तिथि से आगामी पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की वित्त समिति के सदस्य सर्वेश सिंह, प्रबंधक सुरेश नारायण पाण्डेय व अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। इस साझेदारी को पूर्वांचल क्षेत्र में शिक्षा, अनुसंधान और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की धारा पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।