जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान की टीम ने निरीक्षण के दौरान साझा किए विचार
100 शिक्षको का बैच बनाकर दिया जा रहा प्रशिक्षण
कमलेश
खमरिया-खीरी:ईसानगर ब्लॉक के बीआरसी केंद्र खमरिया में बीईओ की देखरेख में आयोजित पांच दिवसीय फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमरेसी (एफएलएन) प्रशिक्षण का तीसरा चरण सोमवार को सम्पन्न हो गया। जिसमें ब्लॉक के प्राथमिक व संविलयन स्कूलों में तैनात 100-100 शिक्षकों का बैच बनाकर ट्रेनरों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस दौरान बीईओ ने सभी शिक्षकों को प्रशिक्षण प्राप्त कर स्कूलों में बच्चों को शिक्षा ग्रहण करवाने की बात कही,वही डायट से पहुची टीम ने सभी शिक्षकों से अपने अनुभव साझा कर नई जानकारी भी दी।
ईसानगर ब्लॉक की बीआरसी खमरिया में बीईओ अखिलानंद राय की देखरेख में शुरू हुए पांच दिवसीय फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमरेसी (एफएलएन) प्रशिक्षण का तीसरा चरण सोमवार को सम्पन्न हो गया। प्रशिक्षण में जहां ट्रेनर राजेश यादव,प्रतीक पंचोली,चंद्र प्रकाश कटियार व चंद्रमोहन श्रीवास्तव के द्वारा 100 शिक्षको के बैच को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस दौरान सोमवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान से प्रशिक्षण का आंकलन करने पहुचे डायट मेंटर विजय पाल ने सभी शिक्षकों से अपने विचार साझा कर बच्चो को किस तरीक़े से शिक्षा देना है को लेकर नई-नई जानकारी भी दी गई। वही खंड शिक्षा अधिकारी अख़िलानंद राय ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे शिक्षको को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों कि बुनियादी शिक्षा के लिए भाषा और गणित अति महत्वपूर्ण है। भाषा और गणित बच्चों का सम्पूर्ण विकास व समझ उत्पन्न करती है, सभी शिक्षक अपने विद्यालयों में छात्र छात्राओं को फाउंडेशन लिटरेसी एवम न्यूमरेसी पर आधारित शिक्षण विधियों का प्रयोग करके शिक्षण प्रक्रिया को उन्नत करें। साथ ही बताया कि जो शिक्षक प्रशिक्षण पूर्ण कर रहे हैं तत्पश्चात वह सभी विद्यालयों में प्रशिक्षण से प्राप्त उद्देश्यों की सम्प्राप्ति कराएं। वही प्रशिक्षण में शामिल शिक्षकों व शिक्षामित्रों ने इस प्रशिक्षण को उपयोगी बताया और कहा कि अपने सशक्त प्रयासों से ब्लॉक को प्रेरक ब्लॉक बनाएंगे। इस बाबत जब बीईओ से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण प्राथमिक व संविलयन विद्यालय के शिक्षकों व शिक्षामित्रों को बारी बारी से दिया जा रहा है,आज तीसरे बैच में 100 शिक्षक प्रशिक्षण पूरा किये है। इनके बाद आगे बैच बनाकर अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।



