पं श्याम त्रिपाठी
गोंडा।जिले के करनैगंज सीएचसी पर गई प्रसूता को बच्चा पैदा होने के बाद जिला महिला अस्पतालभेजा गया जिसकी अस्पताल पहुंचते ही दम टूट गया। परिजनों में कोहराम मच गया। जच्चा व बच्चा की सुरक्षा के लिए सोलह सीएचसी मानक के अनुसार सुविधा नहीं दे पा रहे हैं। ये सभी सीएचसी रेफरल यूनिट बनकर रह गयी है। नतीजा प्राइवेट अस्पताल दिन दूना रात चौगुना बढ़ रहे हैं।
मामला कर्नलगंज सीएचसी का है जहा पर भभुवा निवासी नीलू कुमारी पत्नी संदीप को प्रसव पीडा होने पर ले जाया गया जहां पर बच्चा पैदा हो गया लेकिन प्रसूता की तबियत बिगडने लगी। पीडित जब डाक्टर से रोने लगे तो उन्होने उसे जिला महिला अस्पताल के लिए भेज दिया। एंबुलेस के जिला महिला अस्पताल में पहुंचने पर डाकटर ने महिला का मुत्यु घोषित कर दिया। इससे परिजनो में कोहराम मच गया और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया गया। इससे दो दिन पहले जिला महिला अस्पताल में एक प्रसूता की मौत हो गयी थी, इसके सीएचसी बेलसर पर एक महिला मर चुकी है। इस तरह प्रसूताओं की मौत से समाज में भय पैदा हो गया है। नतीजा गरीब आदमी डर कर प्राइवेट अस्पताल ले जाने को मजबूर है।

