पं श्याम त्रिपाठी/बनारसी मौर्या
नवाबगंज (गोंडा)। कृषि क्षेत्र में नवाचार और आयवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकास खंड मुख्यालय पर बुधवार को विशेष कृषक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में किसानों को बदलते मौसम, फसल विविधीकरण और आधुनिक कृषि संसाधनों के प्रभावी उपयोग को लेकर व्यावहारिक जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान कृषि वैज्ञानिक डॉ. दिनेश पांडेय ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि वर्तमान समय में खेती केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि लागत प्रबंधन और बाजार से जुड़ाव भी उतना ही आवश्यक हो गया है। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक पद्धतियों से खेती करने पर जोखिम कम होता है और लाभ की संभावनाएं बढ़ती हैं। किसानों को सरकारी कृषि योजनाओं, अनुदान और तकनीकी सहायता से जुड़ने की सलाह दी गई।
कृषक संवाद में किसानों के लिए अलग-अलग जानकारी काउंटर स्थापित किए गए, जहां आधुनिक कृषि साधनों और सेवाओं का प्रदर्शन किया गया। फसल सुरक्षा एवं बीमा, नैनो उर्वरकों का संतुलित उपयोग, ड्रोन तकनीक से कृषि कार्य, तथा जैविक उत्पादों की खेती और विपणन जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने किसानों के सवालों के जवाब दिए। इसके साथ ही फूलों की उन्नत खेती, पशुपालन में पहचान टैगिंग और दलहनी फसलों की सहफसली प्रणाली पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम में किसानों को मौसमी फसलों के लिए निशुल्क बीज उपलब्ध कराने और विभागीय योजनाओं में पंजीकरण की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि समय पर जानकारी और तकनीक अपनाने से किसानों की आमदनी में स्थायी वृद्धि संभव है।
कार्यक्रम का संचालन तिलकराम गुप्ता ने किया। मौके पर सहायक विकास अधिकारी प्रतीक श्रीवास्तव, बीटीएम वीरेंद्र यादव, पंकज सिंह, पुष्पा यादव, आलोक तिवारी, विक्रम यादव, प्रधान प्रतिनिधि संजय दूबे, परमहंस सिंह, मनीष सिंह, रज्जन सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।


