पं श्याम त्रिपाठी/बनारसी मौर्या
नवाबगंज गोंडा ।क्षेत्र के प्रसिद्ध कटरा कुटी धाम मंदिर परिसर में मकरसंक्रांति का पावन पर्व बुधवार को श्रद्धा, आस्था और सनातन परंपराओं के अनुरूप धूमधाम से मनाया गया। प्रातः काल से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही और भगवान की पूजा-अर्चना के साथ पर्व की शुरुआत हुई तथा पत्रकारो का सम्मान किया गया है ।इस अवसर पर मंदिर परिसर में सनातन संस्कृति और भारतीय परंपराओं पर केंद्रित एक विचार-गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में वक्ताओं ने मकरसंक्रांति के आध्यात्मिक, सामाजिक और वैज्ञानिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व सकारात्मक ऊर्जा, सेवा और समरसता का प्रतीक है।कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के समाजसेवी व धर्मप्रेमी लोगों को मंदिर समिति की ओर से अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। आयोजन के समापन पर श्रद्धालुओं के लिए खिचड़ी भोज का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर मंदिर के महंत स्वामी चिन्मयानंद ने कहा कि मकरसंक्रांति सनातन संस्कृति का ऐसा पर्व है जो हमें प्रकृति, परिश्रम और संयम का संदेश देता है। खिचड़ी प्रसाद आपसी भाईचारे और समानता का प्रतीक है, जहां सभी एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण करते हैं।खिचड़ी पर्व केवल भोजन नहीं, बल्कि सेवा और संस्कार की भावना है। सनातन परंपरा में यह पर्व समाज को जोड़ने और आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने का माध्यम है। इस मौके पर शिवसेना के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संतोष दूबे,कथा वाचक भुवनेश शास्त्री, डॉ अरूण सिंह, विनोद गुप्ता, सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

