पं श्याम त्रिपाठी/बनारसी मौर्या
नवाबगंज गोंडा। क्षेत्र के महंगूपुर में आयोजित श्रीराम कथा में सोमवार को कथा व्यास ने यज्ञ की महिमा का बखान किया। भगवान कपिल मंदिर पर आयोजित कपिल महोत्सव में बह रही है भक्ति की रसधारा।
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| कथा में श्रद्धालु |
व्यास डा संत शरण त्रिपाठी ने कहा कि यज्ञ सनातन की ऊर्जा का केंद्र है। यज्ञ बिना धर्म की रक्षा नहीं हो सकती। पुरातन काल से यह क्रियाशील है। यज्ञ का विधान सिर्फ सनातन में है। ब्रह्म, देव, पृत, भूत व मनुष्य पांच प्रकार के यज्ञ के बारे में उन्होंने विस्तार वर्णन किया। कहा यज्ञ को बाधित करने के उद्देश्य से ही निशाचर आक्रमण करते थे। यज्ञ की ही रक्षा के लिए विश्वामित्र ने राम लक्ष्मण की सहायता ली।
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| पंडाल में उमड़ा जनसैलाब |
प्रवाचक ने श्रीराम के बाल लीला का वर्णन करते हुए कहा कि बालक राममहल में जब तीनों भाइयों संग क्रीड़ा करते हैं तो राजा दशरथ सहित सभी रानियाँ वातसल्य प्रेम में रत हो जाती हैं। निरंतर हर्षित और सौम्य स्वरूप सभी को मोहित कर लेता है। राम के दर्शन को देवताओं का पृथ्वी पर विभिन्न रूपों में आगमन होता है। भगवान शंकर भी योगी का रूप धारण कर अयोध्या आते हैं।
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| श्रद्वालु |
उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा के साथ ही बच्चों को धर्म, संस्कृति की भी शिक्षा देनी चाहिए। राष्ट्र के प्रति प्रेम तभी जागृत होगा जब बालकाल से ही उन्हें राष्ट्र के महत्व की बात बताई जायेगी।
कथा में सत्यप्रकाश पांडेय, कल्लू पांडेय, राजकुमार पांडेय, ननके पांडेय, वृजभूषण पांडेय, डब्लू पांडेय, साजन पांडेय, सुशील, देवेंद्र पांडेय, अनिल पांडेय, करुणाकर, डा विनोद आदि लोग उपस्थित रहे।




