पं श्याम त्रिपाठी/ बनारसी मौर्या
नवाबगंज गोंडा । इस कड़ाके की ठंड के बीच स्थानीय थाने के सामने एक मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला पिछले करीब एक महीने से भटकती नजर आ रही है। रात के समय महिला थाने के सामने स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बाउंड्री वॉल के पास खुले आसमान के नीचे सोती है, जबकि दिन में आसपास बैठी रहती है।
इस महिला के मामले की जानकारी मिलने पर थानाध्यक्ष अभय सिंह ने महिला को थाने बुलाकर उससे पूछताछ की, लेकिन महिला अपना नाम और पता नहीं बता सकी। ठंड को देखते हुए थानाध्यक्ष ने महिला को कंबल दिया, जिसे उसने स्वीकार कर लिया। इसके बाद नगरपालिका के कर्मचारियों द्वारा महिला को एक बार आश्रय केंद्र पर ले जाकर छोड़ा गया, लेकिन वह वहां से वापस लौट आई और फिर से थाने के सामने आकर बैठ गई।स्थानीय लोगों और आने-जाने वाले राहगीरों की मानवीय संवेदना भी सामने आ रही है। लोग महिला को चाय, नाश्ता और कभी-कभी भोजन भी करा देते हैं। इसके बावजूद महिला की स्थिति जस की तस बनी हुई है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुलिस महिला से संवेदनशील तरीके से लगातार पूछताछ करे या उसकी फोटो विभिन्न थानों में प्रसारित कराई जाए, तो संभव है कि उसका नाम-पता सामने आ सके और उसे उसके परिजनों से मिलाया जा सके। लोगों ने यह भी सुझाव दिया कि महिला की फोटो को सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की जाए, जिससे दूर-दराज के क्षेत्रों में भी उसके परिजन तक सूचना पहुंच सके।
बताया जा रहा है कि महिला की उम्र करीब 49 वर्ष के आसपास है। ठंड और असहाय स्थिति को देखते हुए लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि महिला के इलाज, सुरक्षित आश्रय और परिजनों की तलाश के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि उसे इस दयनीय स्थिति से राहत मिल सके। महिला बातचीत से विक्षिप्त नहीं लगती है।उसके पास जाने पर वह लोगों से खाना और कपड़े की मांग करती।

