उत्तर प्रदेश के भ्रष्टाचार निवारण संगठन की देवीपाटन मंडल गोंडा इकाई ने कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत सचिव को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने आरोपी सचिन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक गुरुवार को एंटी करप्शन टीम ने बभनजोत ब्लाक में तैनात ग्राम पंचायत सचिव उमेश कुमार भारती को दस हजार रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया है। मामले में एंटी करप्शन टीम ने आरोपी सचिव के खिलाफ थाना कोतवाली मनकापुर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।
कार्यालय परिसर में ली रिश्वत
एंटी करप्शन टीम से मिली जानकारी के मुताबिक खोड़ारे थाना क्षेत्र अंतर्गत कोल्हुई गरीब गांव के रहने वाले मोहम्मद अजमल पुत्र अख्तर जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए उनके मित्र लगातार सचिव के संपर्क में थे। जन्म प्रमाण पत्र बना करके देने के एवज में सचिन 10 हजार रुपए रिश्वत की मांग कर रहे थे। रुपए की व्यवस्था न हो पाने के कारण वह जन्म प्रमाण पत्र नहीं बना रहे थे। मामले की जानकारी होने के बाद एंटी करप्शन टीम से शिकायत किया था। गुरुवार को दोपहर बाद लगभग 3:15 बजे जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त करने हेतु ब्लॉक परिसर स्थित आरोपी के कार्यालय में रिश्वत की रकम देते ही रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
विभागीय कार्रवाई जांच शुरू
मामले के गंभीरता को देखते हुए विभाग ने आरोपी सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए विभागीय जांच शुरू कर दी है।
बोले इंस्पेक्टर
मामले में प्रेस नोट के माध्यम से जानकारी देते हुए देवीपाटन मंडल गोंडा के एंटी करप्शन टीम प्रभारी धनंजय सिंह ने बताया कि आरोपी सचिन के खिलाफ मनकापुर कोतवाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। आरोपी की रंगे हाथों गिरफ्तारी हुई है।

