फील्ड में प्रशिक्षण कर प्रगणक व सुपरवाइजर की बढ़ी समझ
ईमानदारी, गोपनीयता और समर्पण के साथ कार्य करने का लिया संकल्प
कमलेश
खमरिया- खीरी:आगामी 22 मई से शुरू होने जा रही भारत की जनगणना को सफल बनाने के उद्देश्य से धौरहरा में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम ने अब जमीनी स्तर पर असर दिखाना शुरू कर दिया है। फील्ड प्रशिक्षण के दौरान प्रगणक एवं सुपरवाइजर्स पूरे उत्साह के साथ कार्य कर रहे है, जिससे उनके चेहरे आत्मविश्वास से खिले हुए है। इस दौरान प्रशिक्षक अभिषेक गिरि,गौरव तिवारी,बुद्धिसागर तिवारी,निखिल कुमार गुप्ता,जय सिंह यादव,अमित सिंह,त्रिलोकी,अमरेंद्र प्रताप सिंह आदि के द्वारा प्रतिभागियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि फील्ड में ले जाकर मकान गणना की वास्तविक प्रक्रिया भी समझाई जा रही है। घर-घर जाकर आंकड़े संकलन, मकानों की पहचान, नंबरिंग और परिवारों के विवरण दर्ज करने की बारीकियों को व्यवहारिक रूप से सिखाया जा रहा है,जिससे प्रशिक्षण और अधिक प्रभावी बन गया है। इस बाबत प्रशिक्षण में विशेष कार्य देख रहे जितेंद्र दीक्षित ने बताया कि यह प्रशिक्षण तहसीलदार अदित्य विशाल की देखरेख में सुव्यवस्थित तरीके से संचालित हो रहा है। उनके मार्गदर्शन में पूरी टीम समन्वय के साथ कार्य कर रही है। फिलहाल आज तीसरे बैच का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है,गुरुवार से चौथे बैच का प्रशिक्षण शुरू होगा। जिसमें सहयोगी के रूप में उनके साथ सुपरवाइजर, लेखपाल चंद्रप्रकाश, कैलाश चंद्र, रामेंद्र अवस्थी सहित अन्य कर्मचारी भी अहम भूमिका निभाते हुए प्रशिक्षण को सफल बनाने में जुटे हैं।
फील्ड में प्रशिक्षण कर प्रगणक व सुपरवाइजर की बढ़ी समझ
जनगणना के प्रशिक्षण में बुधवार को प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रगणक अरविंद कुमार शुक्ला,उमेश मिश्रा,कमलेश कुमार,पंकज कुमार,विनोद पाण्डेय,आशा झा,रामू,वसी, अम्बरीष वर्मा, आलोक उपाध्याय, पुखराज, ज्योत्सना त्रिपाठी,नीलू देवी आदि का कहना है कि फील्ड में जाकर सीखने से उनकी समझ और अधिक स्पष्ट हुई है और अब वे अपने कार्य को बेहतर तरीके से करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस प्रशिक्षण से न केवल उनकी दक्षता बढ़ी है, बल्कि जनगणना कार्य के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी मजबूत हुआ है। यह पहल स्थानीय स्तर पर यह पहल जनगणना प्रक्रिया को सटीक, पारदर्शी और सफल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
कर्मियों ने ली सेवा भाव की शपथ,ईमानदारी, गोपनीयता और समर्पण के साथ कार्य करने का लिया संकल्प
भारत की जनगणना 2027 को लेकर धौरहरा में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रगणकों और पर्यवेक्षकों ने सेवा भाव की शपथ ली। प्रशिक्षण सत्र में उपस्थित सभी कर्मियों ने जनगणना कार्य को पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ संपन्न करने का संकल्प दोहराया। प्रशिक्षण के दौरान प्रगणकों ने शपथ ली कि वे हर घर तक पहुंचकर सही और सटीक जानकारी एकत्र करेंगे तथा किसी भी व्यक्ति के साथ धर्म, जाति, भाषा या सामाजिक स्थिति के आधार पर कोई भेदभाव नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी वचन दिया कि एकत्रित की गई सभी सूचनाओं को पूर्ण गोपनीयता के साथ सुरक्षित रखा जाएगा और उनका उपयोग केवल जनगणना कार्य के लिए ही किया जाएगा।
वहीं पर्यवेक्षकों ने भी अपने दायित्वों के निर्वहन हेतु शपथ लेते हुए कहा कि वे अपने अधीन कार्य कर रहे प्रगणकों का मार्गदर्शन करेंगे, उनके कार्यों की सतत निगरानी रखेंगे और डेटा की गुणवत्ता एवं सटीकता सुनिश्चित करेंगे। साथ ही, फील्ड में आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान कर जनगणना कार्य को सुचारू रूप से पूरा कराने का संकल्प लिया। इस बाबत प्रशिक्षण अधिकारियों ने बताया कि जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रियाओं में से एक है, जिसके आधार पर सरकारी योजनाएं और नीतियां तैयार होती हैं। ऐसे में कर्मियों का ईमानदारी और सेवा भाव से किया गया कार्य देश के विकास में अहम भूमिका निभाएगा।




