सतत कृषि और प्रदर्शन प्लॉट पर फोकस
कमलेश
खमरिया खीरी:जुआरी इंडस्ट्रीज लिमिटेड की इकाई का होटल एलीट,लखीमपुर में आयोजित दो दिवसीय ‘केन एक्सीलेंस प्रोग्राम: फ्यूचर-प्रूफिंग शुगरकेन’ का मंगलवार को सफल समापन हुआ। कार्यक्रम में गन्ना विकास एवं विपणन टीमों को आधुनिक कृषि तकनीकों, प्रबंधन कौशल और उत्पादन बढ़ाने की रणनीतियों पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन प्रबंधक आलोक सक्सेना ने किया। उन्होंने 2026-27 पेराई सत्र के लिए स्पष्ट रणनीति प्रस्तुत करते हुए “सही गन्ना, सही समय, सही तौल और सही सम्मान” का मूल मंत्र दिया। इस दौरान उन्होंने 80 टन प्रति हेक्टेयर उत्पादन और 12.5% रिकवरी जैसे महत्वाकांक्षी लक्ष्यों पर जोर देते हुए किसानों के प्रति पारदर्शी तौल व्यवस्था और 14 दिन में भुगतान की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही
तकनीकी सत्र में फसल सुरक्षा पर जोर,तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने उन्नत गन्ना प्रजातियों, उनकी पहचान, गुणवत्ता मानकों और खेत स्तर पर उनके चयन की जानकारी दी। इस दौरान नई गन्ना प्रजातियों की विशेषताओं, परिपक्वता और सुक्रोज मात्रा पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही फसल के रोग एवं कीट नियंत्रण के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें रेड रॉट, टॉप बोरर, अर्ली शूट बोरर और पायरीला जैसे प्रमुख खतरों की पहचान और उनके नियंत्रण के उपाय बताए गए। इस दौरान विशेषज्ञों ने कहा कि समय पर रोग पहचान ही फसल सुरक्षा की पहली सीढ़ी है और फील्ड स्टाफ को किसानों को तत्काल सलाह देने में सक्रिय रहना चाहिए।
सतत कृषि और प्रदर्शन प्लॉट पर फोकस
कार्यक्रम में सतत कृषि पद्धतियों पर भी विशेष ध्यान दिया गया। प्रदर्शन प्लॉट की स्थापना, ट्रैश मल्चिंग के जरिए नमी संरक्षण और ड्रिप सिंचाई से जल दक्षता बढ़ाने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि किसान डेमो प्लॉट पर मिलने वाले लाभ को देखकर नई तकनीकों को तेजी से अपनाएंगे। साथ हीखरीद, संचालन और वित्त प्रबंधन की जानकारी गन्ना खरीद और परिवहन प्रबंधन पर भी सत्र आयोजित किए गए, जिसमें खेत से मिल तक समयबद्ध आपूर्ति, यार्ड में एफआईएफओ प्रणाली, तौल की शुद्धता और शून्य अपव्यय पर जोर दिया गया। वही वित्तीय सत्र में 14 दिन के भुगतान चक्र, बीज, उर्वरक और डेमो गतिविधियों के लिए बजट प्रावधान की जानकारी दी गई।इसके अलावा पीक सीजन के दौरान लॉजिस्टिक्स और फील्ड सपोर्ट सिस्टम को मजबूत करने की रणनीतियां साझा की गईं।
इंटरैक्टिव केस स्टडी व समूह की हुई चर्चा
कार्यक्रम में इंटरैक्टिव केस स्टडी समूह की चर्चा और वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सर्किल-वार कार्ययोजनाओं का निर्माण किया गया।अंत में प्रतिभागियों ने नैतिक खरीद, समयबद्ध सेवा और गन्ना विकास के प्रति समर्पण की शपथ ली गई। इस बाबत केन प्रबंधक विरम सिंह राठौर ने बताया कि कार्यक्रम में गन्ना उत्पादन में सुधार, किसानों की आय बढ़ाने और मिल की कार्यक्षमता को नई दिशा देने में यह महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

