पं श्याम त्रिपाठी/बनारसी मौर्या
उत्तर प्रदेश के गोंडा में युवक ने फांसी लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली। जिससे परिजनों में कोहराम मच गया, घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने जांच पड़ताल के उपरांत शव को कब्जे में ले लिया।
![]() |
| मौके पर जुटी पुलिस व भीड़ |
प्राप्त जानकारी के मुताबिक रविवार की देर रात नवाबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत खडौवां गांव के रहने वाले भरोसे के सबसे छोटे पुत्र 20 वर्षीय सुकई ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची स्थानीय पुलिस में पोस्टमार्टम के लिए शव को कब्जे में ले लिया।
![]() |
| शव उतारने के बाद परीक्षण करती पुलिस |
साड़ी को बनाया फंदा
बताया जाता है कि सोमवार की देर रात परिवार जब भोजन करने जा रहा था, तब भोजन करने के लिए सुकई को भी आवाज दिया गया, लेकिन कमरे के अंदर से उसका जवाब नहीं आया, तब परिजनों को लगा कि शायद उसे नींद की झपकी आ गई होगी। जगाने के लिए कमरे में दाखिल हुए तो ऐसा लगा कि पैरों के नीचे जमीन खिसक गई। छत के कुंडे से साड़ी के फंदे से सुकई का शव लटक रहा था। जिससे परिजनों में कोहराम मच गया।
ग्रामीणों की लगी भीड़
रोने चीखने की आवाज सुनते ही मोहल्ले व गांव के लोग इकट्ठा हो गए, युवक के खौफनाक कदम को लेकर लोग आश्चर्य प्रकट करने लगे, लोगों का कहना था कि भले ही वह इन दिनों बीमार चल रहा था, लेकिन सेहत में जल्द ही सुधार हो जाता, आखिर ऐसी क्या वजह थी कि उसने मौत को गले लगा लिया।
कुछ दिनों पहले लौटा था गांव
मृतक के बड़े भाई धनीराम के मुताबिक लगभग एक दशक पूर्व उनके माता-पिता स्वर्ग को सिधार चुके हैं। इन दिनों तीनों भाई प्रदेश में रहकर मेहनत मजदूरी करते थे। कुछ दिनों पहले गांव वापस लौटे थे, उसे इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि उसका भाई इस तरह से खुद को तबाह कर लेगा।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही कोल्हमपुर चौकी इंचार्ज अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। फांसी के फंदे से लटक रहे शव को जांच पड़ताल के उपरांत नीचे उतरवा कर गहन परीक्षण किया। हालांकि युवक के आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका।
बोले सब इंस्पेक्टर
मामले में कोल्हमपुर चौकी प्रभारी उमेश सिंह ने बताया कि पंचायत नामा के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रवाना किया जा रहा है। आवश्यक करवाई जारी है।



