खुर्शीद खान
सुलतानपुर (बल्दीराय)। सुलतानपुर जिले के बल्दीराय तहसील अंतर्गत नंदौली गांव की प्रतिभावान छात्रा माहम खान ने सीबीएसई कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में शानदार 96 प्रतिशत अंक प्राप्त करके न केवल अपने परिवार का सिर ऊंचा किया है, बल्कि पूरे गांव, तहसील और जिले का नाम पूरे प्रदेश में रोशन कर दिया है।
माहम खान, स्वर्गीय डॉक्टर नफीस की पौत्री व डॉक्टर शोएब खान की पुत्री हैं। उन्होंने लखनऊ के प्रतिष्ठित आनंदराम जयपुरिया स्कूल से शिक्षा प्राप्त की। अपनी मेहनत, लगन और स्मार्ट स्टडी की बदौलत उन्होंने इस उपलब्धि को हासिल किया है। परीक्षा परिणाम घोषित होते ही उनके घर पर बधाईयों का तांता लग गया। परिजन, रिश्तेदार, पड़ोसी, शिक्षक और शुभचिंतक माहम को बधाई देने पहुंचे। पूरे नंदौली गांव में खुशी और गर्व का माहौल छाया हुआ है।
परिवार की प्रतिक्रिया
डॉ. शोएब खान ने बताया कि माहम बचपन से ही पढ़ाई में बहुत नियमित और मेहनती रही है। उन्होंने कहा, “माहम ने न सिर्फ परिवार की उम्मीदों पर खरा उतरा है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र की लड़कियों के लिए एक बेहतरीन उदाहरण भी पेश किया है। मां और अन्य परिजनों ने भी भावुक होते हुए बेटी की सफलता पर खुशी जताई।स्कूल का गर्व आनंदराम जयपुरिया स्कूल, लखनऊ के प्राचार्य और शिक्षकों ने माहम की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की।
स्कूल प्रबंधन ने कहा कि माहम जैसी छात्राएं स्कूल के लिए गौरव का विषय हैं। स्कूल की ओर से भी माहम को बधाई दी गई है।गांव के बुजुर्गों और युवाओं ने कहा कि माहम खान की सफलता दिखाती है कि मेहनत और सही दिशा में प्रयास करने से ग्रामीण क्षेत्रों की बच्चियां भी बड़ी-बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं। स्थानीय लोग अब माहम को “गांव की लाडली” और “प्रतिभा की मिसाल” कहकर पुकार रहे हैं।माहम खान ने भविष्य में डॉक्टर बनने या उच्च शिक्षा हासिल करने की इच्छा जताई है। उनकी इस उपलब्धि ने न सिर्फ परिवार को खुशी दी है, बल्कि आसपास के कई छात्र-छात्राओं को भी प्रेरित किया है।जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से भी माहम खान को बधाई दी जा रही है।
स्थानीय स्तर पर उनकी सफलता का जश्न मनाया जा रहा है।माहम खान की सफलता ग्रामीण भारत की उन अनगिनत प्रतिभाओं का प्रतीक है, जो सही मंच और समर्थन मिलने पर देश का नाम विश्व स्तर पर चमका सकती हैं।अभिनंदन माहम! तुम पर पूरा सुलतानपुर गर्व कर रहा है।


