आशीष उपाध्याय
गोंडा: आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्र मनकापुर के वैज्ञानिकों ने सोमवार को ग्राम अशरफपुर विकासखंड मनकापुर गोंडा का भ्रमण किया गया । डॉ. राम लखन सिंह वरिष्ठ वैज्ञानिक शस्य विज्ञान ने सब्जियों में संतुलित उर्वरकों के प्रयोग की जानकारी दी । उन्होंने बताया कि तोरई एवं अन्य सब्जियों की उन्नतशील प्रजाति का बीज भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान वाराणसी अथवा कृषि विश्वविद्यालय से प्राप्त कर सकते हैं । पालीथीन मल्च का प्रयोग करने पर खरपतवारों का जमाव नहीं होता है तथा सिंचाई जल की आवश्यकता कम होती है ।
मल्चिंग के प्रयोग से खरपतवारों का जमाव न होने के कारण दिये गये खाद एवं उर्वरक को फसल द्वारा ज्यादा से ज्यादा उपयोग कर लिया जाता है । किसान भाई मृदा परीक्षण की संस्तुति के आधार पर संतुलित उर्वरकों का प्रयोग करें । इससे फसल की भरपूर उपज मिल जाती है । अमित कुमार मौर्य प्रगतिशील कृषक द्वारा तोरई एवं अरवी की खेती की गई है । सब्जी की फसलों में कृषि रसायनों का प्रयोग मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के लिए अत्यंत हानिकारक है । सब्जियों में कीट एवं रोग के प्रबंध के लिए जैविक उत्पादों का प्रयोग करने की आवश्यकता है । एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन को अपनाकर कीटों एवं रोगों को नियंत्रित किया जा सकता है । इस अवसर पर प्रगतिशील कृषकों विकास मौर्य,अभिषेक मौर्य भगवानदीन, अहमद अली आदि ने प्रतिभाग कर खेती की तकनीकी जानकारी प्राप्त की ।


