उत्तर प्रदेश के गोंडा में कार अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे लगे पेड़ से टकरा गई, जिससे कार चला रहे प्रतिष्ठित व्यवसाय व विद्यालय प्रबंधक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी से परिजनों में कोहराम मच गया, वही विद्यालय परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रवाना कर दिया।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक मंगलवार की देर रात मनकापुर कहोबा मार्ग स्थित जोगापुर गांव के पास मनकापुर कस्बे के रहने वाले प्रतिष्ठित व्यवसायी व महिला महाविद्यालय के 63 वर्षीय प्रबंधक स्वर्ण पाल सिंह उर्फ कोके सरदार गोंडा से वापस घर लौटने के दौरान हादसे के शिकार हो गए, गंभीर दशा में स्थानीय लोगों ने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
बाल बाल कार सवार
बताया जाता है कि कोके सरदार मनकापुर कोतवाली क्षेत्र के घुनाही गांव के रहने वाले विनोद कुमार तिवारी के साथ किसी कार्य से जिला मुख्यालय गए हुए थे, वहां से लौटने के दौरान देर रात हो गई। रात के लगभग 9:30 बजे जब वह कहोबा के तरफ से मनकापुर के तरफ बढ़ रहे थे, तभी जोगापुर गांव के पास एक ट्रक को ओवरटेक करने के दौरान उनकी कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। जिससे कार चला रहे कोके गंभीर रूप से घायल हो गए,
हादसे के बाद कार में सवार युवक ने मदद में गुहार लगाई, जिससे मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने कार में फंसे हुए विद्यालय प्रबंधक को बाहर निकाल कर एंबुलेंस के जरिए मनकापुर अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। वही इस हादसे में कार में सवार युवक बाल बाल बच गया। लेकिन घटना को लेकर सदमे में बताया जा रहा है। घटना की जानकारी से परिवार में कोहराम मच गया परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
विद्यालय में शोक
मिली जानकारी के मुताबिक स्वर्गीय गुरबचन सिंह के तीन पुत्रों अजीत सिंह व अमरजीत सिंह से स्वर्ण पाल सिंह छोटे थे। मृतक की दो बेटियों में सिल्की विवाहित है, वही रिंपी लुधियाना में जॉब करती है। कोके सरदार कस्बे में महिला महाविद्यालय का संचालन करते थे। विद्यालय प्रबंधन की मौत से विद्यालय में शोक व्याप्त है, वहीं परिजनों में मृतक की वृद्ध मां गुरबचन कौर सहित परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है।
बोले थानाध्यक्ष
मनकापुर थानाध्यक्ष गौरव सिंह तोमर ने बताया कि रात में ही शव को कब्जे में लेकर जिला मुख्यालय रवाना कर दिया गया है।

