अखिलेश्वर तिवारी
जनपद बलरामपुर में गैसड़ी विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक शैलेश कुमार सिंह शैलू ने समाजवादी पार्टी के वर्तमान विधायक राकेश कुमार यादव के झूठे शपथ पत्र देने पर विधानसभा सदस्यता रदद् करने की मांग की है ।
पूर्व भाजपा विधायक शैलेश कुमार सिंह ने 13 जून को प्रेसवार्ता में बताया कि 292 गैसड़ी विधानसभा के हऐ उपचुनाव 2024 में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी रहे राकेश कुमार यादव जो निर्वाचित घोषित किये गये थे उनके दवारा चुनाव आयोग को दी गई शपथपत्र में वर्णित आधा दर्जन तथ्यों को उजागर न करके छिपाया हैं, जो चुनाव आयोग के द्वारा अपराध के श्रेणी में सूचीबद्ध करके उन्हें अयोग्य करने का प्राविधान सम्पादित करती है, परन्तु आज तक वह नियम राकेश पर नहीं लगा, जबकि इन्होंने झूठा शपथ पत्र चुनाव आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया । उन्होंने बताया कि मुख्य बिन्दु राकेश यादव के पिता तत्कालीन विधायक स्व डॉ एसपी यादव द्वारा छोड़े गये पैतृक सम्पत्ति में कृषि योग्य भूमि व अन्य स्थानों पर क्रय की गई भूमि जो पाका 11 से जरिये वरासत मिली उसमे मात्र लखनऊ स्थित विराम खण्ड गोमतीनगर लखनऊ का उल्लेख किया गया, वहीं अवध क्वान्टिनेंटल होटल की बेस कीमती भूमि को क्रय करने का घोषणा नहीं किया गया व उस पर चल रहे वाद दायरा का भी जिक्र न होना निर्वाचन आयोग को चकमा देने के समान है । इनके द्वारा मात्र वित्तीय वर्ष 2019-20 से सूक्ष्म आईटीआर दाखिल किया जाना प्रारंभ किये जाने का जिक्र है, जबकि इनके स्थाई नम्बर पैन से इनके वित्तीय निवेश की समस्त जानकारी आप स्वतः करवा सकते हैं । इन्होने अपने तीन शैक्षणिक संस्थान क्रमशः कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मझौली, शेख मन्सूर कन्या विद्यालय पचपेड़वा व आदर्श विद्यालय महेशभारी का जिक्र तक नहीं किया । तीनो संस्थान के अलावा ये स्वयं एमएलके पीजी कॉलेज में स्वयं संविदा पर शिक्षण कार्य किया है । उससे प्राप्त आय का चर्चा तक नहीं किया है । उतरौला में संचालित प्रतीक ब्रिक फील्ड के ये प्रोपराइटर हैं । उसके लेन देन व प्राप्त हुए आय को नहीं दर्शाया गया है । इनके ऊपर राजस्व विभाग में चल रहे मुकदमे को इन्होंने निल दिखाया है, वहीं 2010 में बने विलास कॉन्ट्रेक्सन कम्पनी के साझीदार रहे व समस्त लेनदेन इनके हस्ताक्षर से हुए थे जिसे नहीं दर्शाया गया है । इनके द्वारा अल्प आय में खरीदी गई कृषि योग्य भूमि 4.3 एकड़ विभिन्न स्थानों पर उपलब्ध हैं जिसे छिपाया गया । अपने पुत्र अस्मित यादव जो अभी नाबालिग है के पढ़ाई व उनके नाम क्रय की गई सम्पत्ति माता पिता के साथ जोड़े जाने का प्राविधान है, उसे निल दिखाया गया है । बलरामपुर पहलवारा स्थित बेशकीमती भूमि को नहीं इंगित किया गया तथा शॉपिंग मॉल में जो इनकी हिस्सेदारी है उसका उल्लेख नहीं किया गया है । इनके द्वारा दो अन्य ईंट भट्ठे दूसरे के नाम से संचालित है जिसमे इन्होंने अपनी हिस्सेदारी नहीं लिखा है । अपने पिता द्वारा छोड़ी गई 53 लाख रु जो दोनों सगे भाई राकेश यादव व आदर्श यादव को पेन्सन व अन्य खातों से प्राप्त हुई थी उसे भी शपथ पत्र में नहीं दर्शाया गया है । ऐसे कई बेनामी सम्पत्ति के मालिक है राकेश यादव जिसे पीडीए के नारे पर अल्पसंख्यकों को बर्गला कर भाजपा का कौफ दिखाकर चुनाव जीतते आये, उन्ही पचपेड़वा के अल्पसंख्यक समुदाय के भाई लोग मृत्यु के बाद जनाजे पढ़ाने हेतु कब्रस्तान नई बाजार के खाली पड़ी ग्राम समाज की भूमि गाटा संख्या 716 व अन्य पर नमाज जनाजा अदा करते थे । उस पर कब्जा करने का काम राकेश यादव प्रबन्धक द्वारा किया गया, जिसे बाद में विद्यालय का रूप देकर फर्जी लोकप्रियता की कोशिश की गई, जिसे न्यायालय द्वारा 12 दिसम्बर 2025 को पूर्णता अतिक्रमित घोषित किया गया और गिराने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से 15 के बीच जूडीकुठ्यां से जैतापुर की सड़क पीएमजीएसवाई से समाजवादी सरकार के तत्कालीन विधायक डॉ० शिव प्रताप यादव द्वारा प्रस्ताव देकर बनवायी जाती है । 2016 में सडक पूरी तरह से ध्वस्थ हो जाती है । यहां तक कि उसकी गारण्टी 05 वर्ष की होती है। लेकिन 01 ही वर्ष के अन्दर पूरी तरह टूटकर ध्वस्थ हो जाती है। उसके अगल-बगल जो ईटा लगा होता है उसको बेचवा दिया जाता है । 2017 में जब भारतीय जनता पार्टी से मैं विधायक बना तो सबसे पहली मीटिंग में इस बात को उठाया तत्काल जिलाधिकारी ने विभाग को पत्र लिखकर फर्म को ब्लेकलिस्ट करवाया । मैं जिलाधिकारी से मिलकर बताया कि फर्म ब्लेकलिस्ट करने से कोई कार्यवाही नहीं मानी जाती है, सिक्रेटी भी जब्त कराया जाये । उसके बाद उस सड़क को प्रधानमंत्री योजना से प्रान्तीय खण्ड में कराने के लिए बहुत प्रयास करना पड़ा, क्योकि कोई भी सडक वर्ष से पहले दूसरे विभाग को हैण्डओवर नहीं होता है। मई 2018 में उस सड़क को मुख्यमंत्री जी से मिलकर मैं प्रान्तीय खण्ड में करवाया, फिर उसके बाद उस सड़क को विशेष मरम्मत में स्टीमेट भेजवा कर 04 करोड रू० मंजूर करवाया । 03 मीटर सड़क चौडी होने के कारण 01 ही वर्ष में सड़क टूट गयी, फिर करोनाकाल लग गया 2021 में पुनः 01 अरब 51 करोड की जुडीकुड्या से जैतापुर और पचपेड़वा से चन्दनपुर मिलाकर स्टीमेट मेरे द्वारा भेजवाया गया जिसकी किसी कारणवश स्वीकृति नहीं हुई। वर्ष 2022 में मुझे चुनाव हारना पड़ा फिर भी मेरा पूरा प्रयास सड़क जल्द से जल्द बन जायेगी। उन्होंने मांग किया है कि चुनाव के समय दिये शपथ पत्र का विधिवत अवलोकन कर इनके स्थाई पैन की जांच व माध्यमिक शिक्षा परिषद से पत्रावलियों व अन्य विभाग से रिपोर्ट मंगवाकर इनके विरुद्ध कठोर कार्यवाही करते हुए इनकी विधानसभा की सदस्यता रदद् करने की कार्यवाही करने की जाए ।