पं श्याम त्रिपाठी/बनारसी मौर्या
नवाबगंज गोंडा। क्षेत्र के चौबेपुर गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुक्रवार को भंडारे और श्रद्धाभाव के साथ समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन कथावाचक विनय पंडित ने पूरे सप्ताह सुनाई गई कथाओं का सार प्रस्तुत करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और सदाचार का संदेश दिया। कथा प्रारंभ होने से पूर्व यजमान देवी यादव एवं गुड्डी यादव परिवार ने विधि-विधान से व्यासपीठ का पूजन-अर्चन कर कथा का शुभारंभ कराया।
कथावाचक ने सात दिनों में भगवान के विभिन्न अवतारों, राम जन्म, श्रीकृष्ण जन्म, सुदामा चरित्र, रुक्मिणी विवाह, भक्त प्रह्लाद, नरसिंह अवतार तथा मानव जीवन में सत्कर्म और भक्ति के महत्व का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को सत्य, प्रेम, सेवा और भगवान के प्रति समर्पण का मार्ग दिखाती है। कथा श्रवण से मन को शांति और जीवन को सही दिशा मिलती है।
समापन अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान पारंपरिक अहिरवा नाच का भी आयोजन हुआ, जिसमें कलाकारों ने समय के महत्व और सामाजिक संदेशों पर आधारित मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में रामकिशुन यादव, बहादुर यादव सहित तमाम क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे।
समापन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं एवं ग्रामीण उपस्थित रहे और पूरे वातावरण में भक्ति एवं उत्साह का माहौल बना रहा।


