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कमलेश
खमरिया खीरी:उत्तर खीरी धौरहरा वन रेन्ज के ईसानगर ब्लॉक के गांवों में तेंदुओं की दहशत थमने का नाम नहीं ले रही है। क्षेत्र में लगातार हमलों और कई गांवों में तेंदुए की मौजूदगी ने इलाकों में दहशत और गुस्सा दोनों चरम पर हैं। इसी क्रम में ईसानगर के ग्रामसभा भेड़हिया के मजरा शुक्लनपुरवा गांव में शुक्रवार सुबह घर के बाहर बैठे लोगों पर तेंदुए में अचानक हमला कर तीन लोगों को घायल कर दिया। जिसकी वजह से ईसानगर के कबिरहा, नगरिया, इमलिया, मजगई के करीब दस किलोमीटर के दायरे में दहशत का माहौल बना हुआ है। इस बारे में जानकारी देते हुए ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार सुबह घर के बाहर बैठे बिपिन पुत्र लालजी, माया प्रकाश पुत्र रामगुलाम, भागीरथ पुत्र समुरथ पर हमला कर दिया। हमले में बिपिन को मामूली जबकि माया प्रकाश व भागीरथ गंभीर रूप से घायल हो गये। घर के आसपास मौजूद लोगों के शोरगुल करने और लाठी डंडे के साथ दौड़े ग्रामीणों को देख तेंदुआ लोगो को छोड़ फरार हो गया,जिससे एक और बड़ी वारदात होने से टल गई है। यही नही घटना से भयभीत ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग के अधिकारियों के साथ पुलिस को सूचना दी। जिसको गंभीरता से लेते हुए तत्काल मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष निर्मल तिवारी के साथ वन विभाग के अधिकारियों ने आसपास सतर्कता बढ़ाकर काम्बिंग शुरू करवा दी है।
नगरिया में भैस को हमला कर किया था घायल
दो सप्ताह पूर्व नगरिया में एक घर के बाहर बंधी भैस पर हमला कर तेंदुए ने उसे घायल कर दिया था। वहीं ग्रामीण लगातार हिंसक जानवरों का शिकार हो रहे है। बावजूद वन विभाग तेंदुए को पकड़ने के लिए रोज नये तरीक़े अजमा रहा है पर चालाक तेंदुआ लगातार वन विभाग को चकमा दे रहा है। जिसको लेकर ग्रामीण काम काज छोड़कर अपने घरों में दुबकने के लिए मजबूर है। वही इस बाबत जब वह क्षेत्राधिकारी एनके चतुर्वेदी से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फ़ोन उठाना मुनासिब नही समझा। तेंदुआ के हमलों को लेकर बताया यह भी जाता है कि वन जितनी तेजी से क्षेत्र में प्रतिबंधित हरे भरे पेंडो को परमीशन देकर कटवाने पर जोर दे रहा है उतना ही ध्यान अगर तेंदुओं पर दे दे तो इस तरह की घटनाओं से लोगों को राहत मिल जाएगी। फ़िलहाल कुछ भी हो क्षेत्र के लगातार तेंदुओं के विचरण व हमलों से गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है।

