पं श्याम त्रिपाठी
गोंडा। नवाबगंज थाना क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन का कारोबार प्रशासनिक कार्रवाई के दावों को खुली चुनौती देता नजर आ रहा है। क्षेत्र के कई गांवों में दिन-रात जेसीबी मशीनों से मिट्टी की खुदाई कर ट्रैक्टर-ट्रालियों के जरिए उसका परिवहन किया जा रहा है। हालात यह हैं कि खनन माफिया बेखौफ होकर धरती का सीना चीर रहे हैं, जबकि जिम्मेदार विभागों की कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित दिखाई पड़ रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार कल्याणपुर, दुल्लापुर समेत थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों में बड़े पैमाने पर अवैध मिट्टी खनन जारी है। आरोप है कि बिना किसी वैध अनुमति और रॉयल्टी के मिट्टी निकालकर उसकी खुलेआम बिक्री की जा रही है। इससे सरकार को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं अनियंत्रित खुदाई से कृषि भूमि और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि अवैध खनन की शिकायत कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल आश्वासन ही मिल रहा है। नतीजा यह है कि खनन माफियाओं के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। अब स्थिति यह हो गई है कि दिनदहाड़े जेसीबी मशीनें चल रही हैं और मिट्टी से भरी ट्रैक्टर-ट्रालियां सड़कों पर दौड़ती नजर आ रही हैं।
वहीं कोल्हमपुर चौकी क्षेत्र में बिना रॉयल्टी बालू के परिवहन और बिक्री की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित विभागों को इसकी पूरी जानकारी होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे अवैध कारोबारियों का मनोबल बढ़ता जा रहा है।
मामले में एसडीएम तरबगंज प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि अवैध खनन की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है और संबंधित अधिकारियों को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि खबर लिखे जाने तक क्षेत्र में कई स्थानों पर अवैध खनन जारी रहने की सूचनाएं मिलती रहीं। जिला खनन विभाग के अधिकारियों से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।
क्षेत्रीय लोगों ने जिलाधिकारी से पूरे नवाबगंज थाना क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर अवैध मिट्टी खनन और बालू परिवहन की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा सरकार को हो रहे राजस्व नुकसान को रोकने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो अवैध खनन का यह नेटवर्क और अधिक मजबूत हो जाएगा, जिससे पर्यावरण और राजस्व दोनों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
कल्याणपुर, दुल्लापुर और कोल्हमपुर क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। बिना रॉयल्टी मिट्टी और बालू के परिवहन का आरोप। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की मांग की। एसडीएम ने जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई का दिया आश्वासन।

