कमलेश
खमरिया-खीरी:ईसानगर पुलिस ने एक ऐसे वारंटी को गिरफ्तार कर न्यायालय भेजा है, जो दो दो हत्याओं के मामले में जमानत पर रिहा होने के बाद पिछले करीब चार वर्षों से अदालत में पेश नहीं हो रहा था। गिरफ्तारी के बाद सामने आई जानकारी ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है।
जानकारी के अनुसार ईसानगर क्षेत्र के मिश्रगांव जमदरी निवासी 58 वर्षीय बत्तम वर्षों पहले दो अलग अलग हुई हत्याओं के मामले में जेल में था,वहां से वह करीब चार साल पहले जमानत पर जेल से घर आया जहां वह अपनी पहचान छिपाने के लिए अपना नाम बदलकर बत्तम से सर्वोत्तम रख बाबा का वेश धारण कर घर पर आराम की जिंदगी जीने लगा। वह साधु-संत का रूप धारण कर कानून की नजरों से बचते हुए न्यायिक प्रक्रिया से दूर रहने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान अपराधियों पर लगातार नकेल कस रहे नवागत थाना प्रभारी बृजेश कुमार सिंह को रविवार को उसकी गतिविधियों की सूचना मिली,इसके बाद उन्होंने सक्रियता दिखाते हुए उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की तो सच्चाई सामने आ गई। जिसके बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर आरोपी को न्यायालय के समक्ष भेज दिया गया। इसको लेकर स्थानीय लोगों की माने तो बत्तम उर्फ सर्वोत्तम बाबा का नाम वर्षों पहले अलग अलग समय पर हुई दो हत्याओं से जुड़ा हुआ है। बताया जाता है कि करीब चार वर्ष पहले जमानत पर जेल से बाहर आया था,लेकिन इसके बाद अदालत में पेश नहीं हुआ और न्यायालय से वारंटी घोषित कर दिया गया। यही नही क्षेत्र में चर्चा है यह भी है कि शायद वह अदालत और जेल से बचने के उद्देश्य से ही अपना नाम बदलकर बाबा का रूप धारण कर लिया था। हालांकि पुलिस की सतर्कता और लगातार निगरानी के चलते उसका यह प्रयास अधिक समय तक सफल नहीं हो सका। जिसके बाद पुलिस की इस कार्रवाई से मिश्रगांव जमदरी सहित आसपास के क्षेत्र में वर्षों पहले हुई दो अलग अलग हत्याओं की यादें फिर ताजा हो गई हैं।

