सुनील गिरि
हापुड़: इस वक्त की एक बहुत ही दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर उत्तर प्रदेश के हापुड़ से आ रही है। जहाँ प्रशासनिक अधिकारियों और ठेकेदारों की घोर लापरवाही ने एक और हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया है ये घटना जनपद हापुड़ के पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र की है जहाँ पी डब्लू विभाग द्वारा सड़क और सीवर निर्माण कार्य के दौरान एक गहरा गड्ढा बीच राह में खुला छोड़ दिया। नतीजा घर वापस लौट रहा एक बेगुनाह युवक अपनी बाइक समेत उस गहरे गड्ढे में समा गया और उसकी दर्दनाक मौत हो गई सबसे हैरान और गुस्सा दिलाने वाली बात यह है कि इस जानलेवा गड्ढे के पास न तो कोई बैरिकेडिंग की गई थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था। यानी सीधे-सीधे अंधेरे में मौत को दावत दी जा रही थी ये जो तस्वीरें आप अपनी स्क्रीन पर देख रहे हैं, यह कोई आम गड्ढा नहीं है। यह भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही से तैयार किया गया वो 'मौत का कुआं' है, जिसने एक 42 वर्षीय युवक विजय की जान ले ली। मामला पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र के अचपलगढ़ी गांव के पास का है। जहाँ सिद्धिविनायक अस्पताल के निकट सड़क और पुलिया निर्माण का काम चल रहा था जानकारी के मुताबिक, अचपलगढ़ी का रहने वाला युवक विजय, देर शाम अपनी बाइक से वापस घर लौट रहा था। सड़क पर निर्माण कार्य के लिए PWD के ठेकेदार ने दिन में ही एक गहरा गड्ढा खोदा था। नियम कहते हैं कि ऐसे निर्माण स्थलों पर चारों तरफ रिफ्लेक्टर बैरिकेडिंग और 'कार्य प्रगति पर है' का बोर्ड होना अनिवार्य है। लेकिन यहाँ नियमों को ताक पर रख दिया गया। अंधेरा होने के कारण विजय को यह गड्ढा दिखाई नहीं दिया और वो बाइक समेत सीधे कई फीट गहरे इस गड्ढे में जा गिरा।
हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में विजय को गड्ढे से बाहर निकाला और पास के अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने विजय को मृत घोषित कर दिया। विजय अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में प्रशासन के खिलाफ भारी गुस्सा है। स्थानीय लोग अब जिम्मेदार ठेकेदार और लापरवाह अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे हैं।

