कमलेश
खमरिया खीरी। सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही लोगों ने घाघरा नदी के साथ तालाबों और घरों में स्नान कर दान-पुण्य किया तथा मंदिरों में पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
श्रद्धालुओं ने जंगलीनाथ मंदिर सहित अन्य शिवालयों में बेलपत्र, धतूरा, भांग, अक्षत, पुष्प और दूध अर्पित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। वही महिलाओं ने पति की दीर्घायु और परिवार के कल्याण के लिए व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना की। मंदिर परिसरों में भक्ति गीतों और मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। इस दौरान क्षेत्र के प्रमुख शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। कई स्थानों पर स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल और प्रसाद की व्यवस्था भी की। वही सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा और मंदिर परिसरों में लगातार निगरानी रखी गई। इस दौरान पंडित निर्भय मिश्रा ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवती अमावस्या पर स्नान, दान और भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन किए गए पुण्य कार्यों से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

