वन विभाग की टीम मौके पर पहुचकर लिए पगचिन्ह,लोगों से एहतियात बरतने को कहा
एकलब्य पाठक
ईसानगर-खीरी। ईसानगर क्षेत्र में जंगली जानवरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। तीन दिन पूर्व रायपुर गांव में तेंदुए के हमले में एक मासूम बालक की मौत के बाद अब लौकाही मल्लापुर गांव में एक और हमले से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। बीती रात एक जंगली जानवर ने घर से बाहर द्वार पर निकली महिला पर हमला कर उसे घायल कर दिया, जबकि कुछ ही देर बाद घर के बाहर सो रहे एक अन्य व्यक्ति को भी निशाना बनाकर उसके पैर में काट लिया। तीसरे ग्रामीण की तरफ जब दौड़ा तो वह भाग कर छत पर चढ़ गया। जिसके बाद क्षेत्र में फिर दहशत फैल गई है।
जानकारी के अनुसार मंगलवार की रात करीब 12 बजे ईसानगर क्षेत्र के लौकाही मल्लापुर निवासी रिंकी देवी पत्नी अवधेश रात में शौच के लिए घर से बाहर द्वार पर निकली थीं। इसी दौरान घात लगाए बैठे एक जंगली जानवर उन पर हमला करने के लिए बढा तो वह घर की तरफ भागी तब तक उनके पैर में जंगली जानवर पंजा मार दिया। जिससे घबराई रिंकी के शोर मचाने पर आसपास के लोग दौड़े तो जानवर वहां से भाग निकला।
यही नही उसके कुछ समय बाद उक्त जानवर गांव में ही कुछ दूरी पर घर के बाहर सो रहे पुताऊ पुत्र मुस्तफा के पास पहुंचा और उसके पैर को दबोचकर खींचने लगा। अचानक नींद खुलने पर पुताऊ घबरा गये और जोर-जोर से शोर मचाने लगे। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण जाग गए, जिसके बाद जानवर राह में खड़े सोने लाल की तरफ बढा तो वह भागकर अपने घर की छत पर चढ़ अपने आपको बचाने में कामयाब रहे, तबतक उक्त जानवर खेतों की ओर जाकर ओझल हो गया। अचानक हुई घटना के बाद पूरे गांव में भय और दहशत का माहौल बन गया,ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। वही सूचना मिलते ही दरोगा सुनील कुमार की अगुवाई में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। साथ ही वन विभाग की टीम घटनास्थल के आसपास मिले पगचिह्नों को एकत्र कर हमलावर जानवर की पहचान करने में जुट गई। इसके अलावा वन कर्मियों ने ग्रामीणों से अकेले बाहर न निकलने, समूह में रहने तथा बच्चों पर विशेष नजर रखने की अपील भी की । इस बाबत वन अधिकारी ने बताया कि प्राथमिक जांच में हमलावर जानवर के पगचिन्ह शियार या भेड़िया जैसे लग रहे है, तेंदुआ के नही है। जो भी जानवर होगा उसकी पुष्टि पगचिन्हों के जरिये जल्द ही कर ली जाएगी,फिलहाल लोगों से एहतियात बरतने को कहा गया है।



